शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

जंतर-मंतर प्रदर्शन: हाईकोर्ट का तत्काल सुनवाई से इनकार

C

CG Khabar

05 जून 2026, 09:19 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

कॉकरोच जनता पार्टी
कॉकरोच जनता पार्टी

नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा ६ जून को जंतर-मंतर पर बुलाए गए विरोध प्रदर्शन को लेकर कानून-व्यवस्था की चिंता जताने वाली एक जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. यह प्रदर्शन परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाया गया है.


'सेव इंडिया फाउंडेशन' के वकील ने न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष इस याचिका पर तत्काल सुनवाई का उल्लेख किया था, लेकिन पीठ ने इसे सूचीबद्ध करने से मना कर दिया.


शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील:


इससे पहले, संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने समर्थकों और छात्रों से दिल्ली में इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था. प्रदर्शन के दौरान संभावित अशांति की आशंकाओं को खारिज करते हुए पार्टी के नवनियुक्त प्रवक्ता और पूर्व मैकिन्से सलाहकार आशुतोष रांका ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हिंसा को लेकर अफवाहें फैलाई जा रही हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी कानून-व्यवस्था के दायरे में रहकर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन का आह्वान करती है और लोगों से हिंसा से दूर रहने की अपील करती है.


डेटा लीक मामले पर सरकार को घेरा:


पार्टी के प्रवक्ताओं सौरव दास और आशुतोष रांका ने जेईई (एडवांस्ड) 2026 के परीक्षार्थियों के डेटा लीक होने की खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि क्लाउड स्टोरेज कॉन्फ़िगरेशन में गड़बड़ी के कारण लगभग दो लाख छात्रों के नाम, फोन नंबर और तस्वीरें उजागर हो गईं. 


रांका ने कहा कि दुनिया की शीर्ष तकनीकी कंपनियों का नेतृत्व करने वाले टेक दिग्गज पैदा करने वाले देश में शिक्षा मंत्री और सरकार इतने अक्षम हैं कि वे बुनियादी प्रणालियों को भी सुरक्षित रूप से संचालित नहीं कर पा रहे हैं.


याचिका में की गई थीं ये मांगें:


याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में आईजीआई एयरपोर्ट, मेट्रो स्टेशनों और राजमार्गों के प्रवेश द्वारों पर तुरंत सुरक्षा और भीड़-नियंत्रण के उपाय करने की मांग की थी. इसके साथ ही सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और अस्पताल, रेलवे स्टेशन तथा अदालतों जैसी आवश्यक सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए इस सभा को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित या विनियमित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था. 


याचिका में यह गंभीर आरोप भी लगाया गया था कि यह संगठन युवाओं को एक "अनियंत्रित दल" में बदल रहा है और विदेशों में स्थित सर्वरों के जरिए देश को अस्थिर करने का एजेंडा चला रहा है. याचिका में मांग की गई थी कि ६ जून के इस प्रदर्शन की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाए ताकि विदेशों से माहौल बिगाड़ने वालों पर नजर रखी जा सके.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP