जन्माष्टमी पर यूनुस ने की सांप्रदायिक सौहार्द की बात
ढाका । डेस्क: बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने जन्माष्टमी के अवसर पर देश के हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दीं और भगवान कृष्ण की शिक्षाओं को सांप्रदायिक सौहार्द और शांति के लिए प्रेरणादायक बताया.
पिछले साल अगस्त में सत्ता में आने के बाद हिंदू समुदाय के सदस्यों और उनके पूजा स्थलों पर कथित हमलों की बार-बार की घटनाओं के बीच बढ़ती चिंताओं के बीच यूनुस की शुभकामनाएं आईं है.
राज्य संचालित बांग्लादेश संवाद संगठन के अनुसार, यूनुस ने अपने संदेश में कहा कि भगवान कृष्ण के मूल्य "निर्माता के प्रति भक्ति और समाज में शांति की स्थापना" पर केंद्रित हैं, जो सभी धर्मों के लोगों को प्रेरित करते हैं.
उन्होंने कहा, "मैं सभी से आह्वान करता हूं कि वे सतर्क रहें ताकि कोई भी समाज में मौजूदा व्यवस्था, भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को कमजोर न कर सके. मुझे विश्वास है कि भगवान श्री कृष्ण की शिक्षाएं और आदर्श आपसी सद्भावना और भाईचारे के बंधन को और मजबूत करेंगे."
यूनुस ने जोर देकर कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बांग्लादेश की संस्कृति का "अनूठा पहचान" है और इसके लोग सदियों से अपनी-अपनी धार्मिक प्रथाओं का पालन करते हुए "सौहार्द की स्थायी भावना" को संरक्षित करते आए हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी अंतरिम सरकार "इस सौहार्द के बंधन को अखंड रखने के लिए प्रतिबद्ध" है.
यूनुस ने आगे कहा, "आइए, हम अपने सामूहिक प्रयासों से एक ऐसा नया बांग्लादेश बनाएं जो भेदभाव से मुक्त हो और सांप्रदायिक सौहार्द से समृद्ध हो."
भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध पिछले साल अगस्त में यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद तनावपूर्ण हो गए थे.
भारत ने देश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर हमलों को लेकर चिंता व्यक्त की है.
जन्माष्टमी बांग्लादेश में भगवान कृष्ण के जन्म उत्सव के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश है.