जांजगीर: बिजली संकट और महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल
जांजगीर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय पर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला. जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल की अगुवाई में एकजुट हुए पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने केरा रोड स्थित विद्युत विभाग के कार्यालय का घेराव किया. इस दौरान उग्र प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, बल्कि पुतला दहन कर अपना आक्रोश भी जताया.
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने अनोखा विरोध दर्ज कराते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों को प्रतीकात्मक रूप से चूड़ियां भी भेंट कीं.
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली दरें, अघोषित बिजली कटौती और चौतरफा मार कर रही महंगाई है. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं, जिससे आम जनता पहले से ही त्रस्त है.
ऐसे दौर में बिजली की कीमतों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक की हालिया बढ़ोतरी ने मध्यम वर्ग, गरीबों, किसानों और मजदूरों की कमर तोड़कर रख दी है. प्रदर्शनकारियों ने 'डबल इंजन सरकार, जनता पर महंगाई की मार' और 'जनविरोधी नीति नहीं चलेगी' जैसे गगनभेदी नारे लगाकर विरोध जताया.
आंदोलन के अंत में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को एक मांग पत्र सौंपा. इस ज्ञापन में बिजली दरों में की गई वृद्धि को तुरंत वापस लेने और राज्य भर में जारी बिजली की आंख-मिचौली पर अविलंब रोक लगाने की मांग की गई है.
पार्टी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि आम जनता को इस आर्थिक बोझ से राहत नहीं दी गई और कटौती का सिलसिला बंद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सड़कों पर उतरकर इससे भी बड़ा और व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा.
धरने को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शुमार है जो कोयला और बिजली उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर और समृद्ध हैं. इसके बावजूद यहां के नागरिकों को महंगी बिजली खरीदने के लिए विवश किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले ढाई सालों के भीतर सरकार ने योजनाबद्ध तरीके से बार-बार बिजली के दाम बढ़ाकर उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार डाला है.
कांग्रेस नेताओं ने बिजली को आज के दौर की सबसे बुनियादी जरूरत बताते हुए कहा कि इसकी कमी का सीधा असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है.
वर्तमान में राज्य के कई हिस्सों में बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल रहती है. इस अघोषित कटौती की वजह से जहां एक ओर किसानों को खेतों की सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है और छोटे कारोबारियों का व्यापार भी पूरी तरह ठप होने कगार पर पहुंच गया है.