LVM3 रॉकेट से संचार उपग्रह CMS-03 सफलतापूर्वक स्थापित
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देश के सबसे भारी संचार उपग्रह CMS-03 को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया है. यह मिशन ISRO के सबसे ताकतवर लॉन्चर, LVM3 (पहले GSLV Mk-III के नाम से जाना जाता था) रॉकेट के ज़रिए सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया.
इस मिशन का मुख्य आकर्षण LVM3 रॉकेट रहा. 642 टन वजनी और 43.5 मीटर ऊंचे इस विशाल रॉकेट ने अपनी सातवीं लगातार सफल उड़ान पूरी की.
यह रॉकेट ठोस, तरल और क्रायोजेनिक, तीनों तरह के इंजनों का प्रयोग करता है, जो इसे 4,000 किलोग्राम तक के पेलोड को भू-तुल्यकालिक कक्षा (Geosynchronous Orbit) में ले जाने की क्षमता देता है.
इसी विश्वसनीय रॉकेट ने भारत के प्रतिष्ठित चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 मिशनों को भी अंतरिक्ष में पहुँचाया था.
प्रक्षेपण के लगभग 16 मिनट बाद, CMS-03 को भू-तुल्यकालिक स्थानांतरण कक्षा (Geo-synchronous Transfer Orbit) में सटीकता से स्थापित कर दिया गया.
यह उपग्रह कम से कम 15 वर्षों तक देश और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मज़बूत और विश्वसनीय संचार सेवाएं प्रदान करेगा.
इससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर होगी, आपदा प्रबंधन के लिए संचार लिंक मज़बूत होंगे तथा राष्ट्रीय महत्व की सेवाओं को सशक्त समर्थन मिलेगा.
ISRO के चेयरमैन डॉ. वी. नारायणन ने इस उपलब्धि को "आत्मनिर्भर भारत" का एक उज्जवल उदाहरण बताया.
उन्होंने ज़ोर दिया कि CMS-03 में स्वदेशी रूप से विकसित नई प्रौद्योगिकियों का इस्तेमाल किया गया है, जो उन्नत अंतरिक्ष प्रणालियों को खुद से डिज़ाइन, निर्माण और लॉन्च करने की भारत की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है.