इजरायली हमले से ईरान में 1500 की मौत, तेहरान में खुफिया मुख्यालय ध्वस्त
यरूशलेम । डेस्क: इजरायल और अमेरिका के साझा सैन्य अभियान 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' और 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' ने ईरान के सुरक्षा ढांचे को हिला कर रख दिया है. इजरायली सूत्रों के अनुसार, अब तक हुए हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और ईरानी सुरक्षा बलों के लगभग 1,000 से 1,500 सदस्य मारे गए हैं.
सोमवार को इजरायली वायुसेना ने तेहरान में एक बड़ा अभियान चलाते हुए आंतरिक सुरक्षा आपातकालीन केंद्रों, बासिज मिलिशिया और IRGC के प्रमुख प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया.
सैन्य जानकारी के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान के खुफिया मंत्रालय के 10 से अधिक मुख्यालयों और कुद्स फोर्स के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया गया है. इसके अतिरिक्त, इजरायल ने ईरान की मिसाइल मारक क्षमता को चोट पहुँचाते हुए सतह से सतह पर मार करने वाले लॉन्चरों और हथियार उत्पादन केंद्रों पर भी सटीक हमले किए हैं.
IDF के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल श्लोमी बिंदर ने इस अभियान की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि हमने दुश्मन को उस वक्त चौंकाया जब वे एक बैठक के लिए जुटे थे. उन्होंने दावा किया कि मात्र 40 सेकंड के भीतर ईरान के 40 सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तियों को खत्म कर दिया गया.
बिंदर ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह हमला ईरान और उसके सहयोगियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं है जहाँ इजरायल उन्हें ढूंढ न सके. फिलहाल इजरायल ने संकेत दिए हैं कि यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है और आने वाले दिनों में सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है.