ईरान शांति समझौते को इजरायल रोकना चाहता है- जेडी वेंस
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस ने इजरायल सरकार के कुछ सदस्यों पर बेहद गंभीर और तीखे आरोप लगाए हैं. वेंस का कहना है कि इजरायली सरकार के कुछ लोग अमेरिकी जनता की सोच और राय को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए किए गए शांति समझौते को रोका जा सके.
हाल ही में एक प्रसिद्ध अमेरिकी पॉडकास्टर जो रोगन को दिए इंटरव्यू में उप-राष्ट्रपति वेंस ने अपने ही सबसे करीबी सहयोगी देश इजरायल की खुलकर आलोचना की, जिसे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में बेहद असाधारण और चौंकाने वाला कदम माना जा रहा है.
वेंस ने पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम शांति समझौते का पुरजोर बचाव किया और कहा कि वह पूरी तरह आश्वस्त हैं कि इजरायल सरकार के अंदर मौजूद कुछ तत्व अमेरिकी नीति को बदलना चाहते हैं ताकि सैन्य अभियान को लगातार जारी रखा जा सके.
इंटरव्यू के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए वेंस ने कहा कि अमेरिका के शांति प्रयासों और समझौते को नाकाम करने के लिए एक बाकायदा विदेशी प्रभाव अभियान (फॉरेन इन्फ्लुएंस कैंपेन) चलाया जा रहा है और इसके लिए बड़ी मात्रा में फंडिंग भी की जा रही है.
उन्होंने इस सिलसिले में मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया, जिनमें दावा किया गया था कि एक पूर्व अमेरिकी चुनावी अभियान प्रबंधक को इजरायल की तरफ से अमेरिका में एक डिजिटल कैंपेन चलाने के लिए काम पर रखा गया था ताकि ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी जनमत को बदला जा सके.
उप-राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया कि इस गुप्त और भारी-भरकम फंडिंग वाले अभियान के जरिए उन्हें खुद भी व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया गया है, क्योंकि वह ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत को आगे बढ़ा रहे थे. हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दूसरे देशों द्वारा अपनी नीतियों के लिए कोशिश करना उन्हें परेशान नहीं करता, लेकिन जब ये अभियान अमेरिकी राजनीतिक फैसले और समझ को प्रभावित करने लगते हैं, तब यह चिंता का विषय बन जाता है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जेडी वेंस ने इस इंटरव्यू के लिए जो रोगन के मंच को इसलिए चुना क्योंकि उनका पॉडकास्ट अमेरिका के युवाओं और विशेष रूप से दक्षिणपंथी 'मैगा' (MAGA) समर्थकों के बीच बेहद लोकप्रिय है, जो वर्तमान में इजरायल नीति को लेकर बंटे हुए हैं.
इस बीच पूर्व इजरायली राजनयिकों ने वेंस के इस बयान को 'अभूतपूर्व और हैरान करने वाला' बताया है. विशेषज्ञों का कहना है कि इतिहास में आज तक किसी मौजूदा अमेरिकी उप-राष्ट्रपति ने इजरायल पर अमेरिकी नीतियों को कमजोर करने के लिए खुलेआम अभियान चलाने का ऐसा सीधा आरोप नहीं लगाया है.
यह साफ तौर पर दर्शाता है कि इस समय अमेरिका और इजरायल के रिश्ते बेहद नाजुक मोड़ पर हैं और दोनों देश एक ही पृष्ठ पर नहीं हैं. अमेरिका द्वारा दिए जाने वाले अरबों डॉलर के सैन्य सहयोग के बावजूद जेडी वेंस द्वारा इजरायल की यह सीधी आलोचना दोनों देशों के बीच बढ़ती दूरी को साफ बयां करती है.