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इजरायल शांति प्रयासों को न करें बर्बाद: तुर्की राष्ट्रपति अर्दोगान

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04 जुल. 2026, 06:33 PM 4 मिनट में पढ़ें 1

अर्दोगान
अर्दोगान

नई दिल्ली । डेस्क: तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप अर्दोगान ने मध्य पूर्व की स्थिति पर बयान देते हुए कहा है कि क्षेत्र के देशों के समर्थन और इच्छाशक्ति के बिना इस इलाके में शांति के प्रयास कभी सफल नहीं हो सकते. इस्तांबुल में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ एक संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अर्दोगान ने कहा कि कोई भी ऐसा समाधान कभी स्थायी नहीं हो सकता, जिसे क्षेत्रीय देशों का सहयोग हासिल न हो.


तुर्की राष्ट्रपति ने इजरायल पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वह अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते को "डायनामाइट" करने (पूरी तरह से नष्ट करने) की कोशिश कर रहा है. 

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उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि इजरायल को इस शांति समझौते को बर्बाद करने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने वर्तमान इजरायली सरकार को "युद्ध का आदी" बताते हुए कहा कि इस प्रशासन को हमारे पूरे भूगोल को एक बार फिर बारूद और खून की गंध में डुबोने की इजाजत नहीं दी जा सकती.


गौरतलब है कि नाटो सदस्य और ईरान का पड़ोसी देश होने के नाते तुर्की लगातार इजरायल पर पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले अमेरिका-ईरान समझौते को कमजोर करने का आरोप लगाता रहा है. तुर्की ने गाजा, लेबनान और सीरिया में इजरायल के सैन्य अभियानों की भी कड़े शब्दों में निंदा की है.


द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग बढ़ाने पर जोर:


इस बैठक के दौरान अर्दोगान ने पाकिस्तान के साथ तुर्की के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई. उन्होंने कहा कि तुर्की रक्षा, ऊर्जा, परिवहन, क्रिटिकल मिनरल्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में पाकिस्तान के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. दोनों देशों ने आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.


इससे पहले दोनों देशों के अधिकारियों ने इस्तांबुल में एक बिजनेस फोरम में हिस्सा लिया. इस मौके पर तुर्की के ऊर्जा मंत्री अल्परस्लान बायरकतार ने कहा कि तुर्की की कंपनियां पाकिस्तान के बिजली क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों में हाथ बटाने और ऊर्जा क्षेत्र में अपने अनुभव व विशेषज्ञता को साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.


रेसेप तैयप अर्दोगान:


रेसेप तैयप अर्दोगान (Recep Tayyip Erdoğan) साल 2014 से तुर्की के राष्ट्रपति हैं और वह देश के सबसे प्रभावशाली और शक्तिशाली नेताओं में गिने जाते हैं. राष्ट्रपति बनने से पहले वह 2003 से 2014 तक तुर्की के प्रधानमंत्री और 1994 से 1998 तक इस्तांबुल के मेयर भी रह चुके हैं. 


उनके नेतृत्व में तुर्की की राजनीतिक व्यवस्था में बड़े बदलाव आए हैं, जिसके तहत देश को संसदीय प्रणाली से बदलकर राष्ट्रपति प्रणाली (Presidential System) में स्थानांतरित किया गया, जिससे उनकी कार्यकारी शक्तियां काफी बढ़ गईं.


उनकी राजनीतिक पार्टी का नाम 'जस्टिस एंड डेवलपमेंट पार्टी' (Justice and Development Party) है, जिसे तुर्की भाषा में 'अदालेत वे कालकिनमा पार्तीसी' (AKP) कहा जाता है. उन्होंने साल 2001 में इस पार्टी की सह-स्थापना की थी. विचारधारा की बात करें तो शुरुआत में एकेपी (AKP) ने खुद को एक रूढ़िवादी-लोकतांत्रिक और यूरोपीय संघ समर्थक पार्टी के रूप में पेश किया था, लेकिन समय के साथ इसकी विचारधारा मुख्य रूप से सामाजिक रूढ़िवाद, दक्षिणपंथी लोकलुभावनवाद (Right-wing populism), तुर्की राष्ट्रवाद और इस्लामी मूल्यों की ओर झुक गई. 


अर्दोगान की राजनीतिक विचारधारा को 'अर्दोगानवाद' (Erdoğanism) भी कहा जाता है, जो ओटोमन साम्राज्य (Ottoman Empire) के गौरव को पुनर्जीवित करने (नियो-ओटोमनवाद), पश्चिमी देशों के राजनीतिक हस्तक्षेप के विरोध और पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने पर आधारित है.


इजरायल से संबंध:


इजरायल के साथ तुर्की और अर्दोगान के संबंध बेहद उतार-चढ़ाव भरे और वर्तमान समय में काफी तनावपूर्ण रहे हैं. अतीत में दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक और सैन्य संबंध हुआ करते थे, लेकिन अर्दोगान के शासनकाल में, विशेष रूप से फिलिस्तीन के मुद्दे पर, इन संबंधों में भारी गिरावट आई है. 


अर्दोगान खुद को मुस्लिम जगत और फिलिस्तीनी अधिकारों के मुखर समर्थक के रूप में पेश करते हैं. हाल के वर्षों में, गाजा पट्टी में इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों के बाद यह दुश्मनी चरम पर पहुंच गई है. 


अर्दोगान ने इजरायल सरकार की नीतियों और हमलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना की है, उन्हें युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया है और इजरायल के साथ तुर्की के व्यापारिक रिश्तों को पूरी तरह निलंबित कर दिया है. तुर्की लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP