क्या संरक्षणवाद ही 'बीमारी' का सही इलाज है?
ब्रसेल्स । डेस्क: यूएस और चीन से मिल रही कड़ी आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के बीच, यूरोपीय संघ (ईयू) में अपने पिछड़ने को लेकर चिंताएं लगातार गहरी होती जा रही हैं. हाल ही में फिनलैंड की सुरक्षा और खुफिया सेवा के प्रमुख जुहा मार्टेलियस और ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के बयानों ने इस बेचैनी को सार्वजनिक कर दिया है.
मार्टेलियस ने यूरोप की अमेरिकी सॉफ्टवेयर और चीनी हार्डवेयर पर अत्यधिक निर्भरता की तुलना एक ऐसी स्थिति से की है जहां शरीर दो अलग-अलग प्रकार के गंभीर रोगों से ग्रसित हो. वहीं, कल्लास का मानना है कि यूरोप को बीमारी का पता तो है, लेकिन उसके सही इलाज पर अभी आम सहमति बनना बाकी है.
वैश्विक व्यापार विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा समय में यूरोप जिस राह पर चल रहा है, वह समस्या को सुलझाने के बजाय उसे और अधिक उलझा सकती है. इस चिंता के कारण यूरोप में संरक्षणवादी नीतियों को बढ़ावा मिल रहा है, जिसके तहत विदेशी कंपनियों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.
इंडस्ट्रियल एक्सीलेटर एक्ट से लेकर चीनी संस्थाओं को निशाना बनाने वाले फॉरेन सब्सिडी रेगुलेशन तक, ईयू का पूरा ध्यान व्यापार और निवेश की दीवारें खड़ी करने पर केंद्रित हो गया है.
विशेषज्ञों का तर्क है कि आपसी निर्भरता का मतलब हमेशा जोखिम नहीं होता. प्रतिबंध और निष्कासन पर आधारित रणनीति से वास्तविक तकनीकी स्वायत्तता हासिल नहीं की जा सकती. व्यापारिक बाधाएं स्थानीय कंपनियों को कुछ समय के लिए बाहरी दबाव से राहत तो दे सकती हैं, लेकिन लंबे समय में यह उनके भीतर प्रतिस्पर्धा करने और खुद को अपग्रेड करने की क्षमता को खत्म कर देती हैं.
राजनीतिक रूप से संरक्षणवाद को लागू करना आसान है, क्योंकि यह तकनीकी सुधारों और स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के माहौल को बेहतर बनाने जैसी जटिल आंतरिक चुनौतियों से ध्यान भटकाने का काम करता है.
यूरोप के लिए वास्तविक समाधान बाहरी दीवारें खड़ी करने में नहीं, बल्कि अपने भीतर बड़े सुधार करने में है. यदि यूरोपीय संघ अपनी प्रतिस्पर्धात्मकता को सही मायने में बढ़ाना चाहता है, तो उसे अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाना होगा और एक मजबूत स्थानीय नवाचार इकोसिस्टम विकसित करना होगा.
यूरोप के पास बुनियादी वैज्ञानिक अनुसंधान, उन्नत विनिर्माण और हरित ऊर्जा तकनीक में अब भी बेजोड़ बढ़त हासिल है. यूरोप को वैश्विक विनिर्माण महाशक्तियों के साथ सहयोग बनाए रखते हुए, सेमीकंडक्टर उपकरण और उन्नत सामग्रियों जैसे प्रमुख क्षेत्रों में अपनी अनूठी तकनीकी क्षमता को मजबूत करना होगा. संरक्षणवाद के सहारे एक कृत्रिम आरामदायक माहौल बनाने की जिद यूरोप के औद्योगिक संकट को और तेजी से बढ़ा सकती है.