रवि, 18 अक्टू. 2026

CGKhabar

ईरानी गायिका परास्तू अहमदी को 74 कोड़ों की सजा

C

CG Khabar

21 जून 2026, 08:44 AM 2 मिनट में पढ़ें 4

 परास्तू अहमदी
परास्तू अहमदी

तेहरान । डेस्क: ईरान में एक बार फिर मानवाधिकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की एक प्रांतीय अदालत ने मशहूर गायिका परास्तू अहमदी और उनके संगीत दल के आठ अन्य सदस्यों को 74-74 कोड़े मारने की सजा सुनाई है. 


इन सभी पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम के दौरान बिना हिजाब पहने गाना गाने और कथित तौर पर 'अश्लील और अनैतिक' कंटेंट प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है.

विज्ञापन


'द गार्डियन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2024 का है, जब 29 वर्षीय परास्तू अहमदी और उनके साथियों ने अपने यूट्यूब चैनल पर एक संगीत कार्यक्रम का वीडियो साझा किया था. इस वीडियो में वे 'आज खुने जावानाने बतन' (देश के युवाओं के खून से) नामक एक देशभक्ति गीत गाती नजर आ रही थीं. 


वीडियो में परास्तू के सिर पर हिजाब नहीं था, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इसे लाखों बार देखा गया. इस प्रस्तुति के बाद प्रशासन ने परास्तू और उनके सह-कलाकारों को हिरासत में ले लिया था. हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ कानूनी मामला दर्ज कर लिया.


ईरान की कुम प्रांत की अदालत ने अब इस मामले में अपना फैसला सुनाया है. कोड़ों की सजा के साथ-साथ अदालत ने परास्तू और उनके दल पर दो साल के लिए देश छोड़ने और किसी भी तरह के सार्वजनिक या ऑनलाइन कार्यक्रम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है. 


हालांकि, ईरान के सरकारी या न्यायिक मीडिया ने इस फैसले को सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने अदालती दस्तावेजों के हवाले से इसकी पुष्टि की है.


इस फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की है. 


अमेरिका में सक्रिय एक ईरानी मानवाधिकार संगठन की निदेशक बहार घांदेहारी ने कहा कि यह सजा साबित करती है कि ईरान में दावों के विपरीत जमीनी हकीकत में कोई बदलाव नहीं आया है. 


वहीं, मानवाधिकार वकील मोईन खजायेली का कहना है कि ईरानी दंड संहिता में महिलाओं के संगीत प्रदर्शन को अपराध नहीं माना गया है, इसलिए इस सजा का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है. यह घटना साल 2022 में महसा अमिनी की मौत के बाद भड़के हिजाब विरोधी प्रदर्शनों की याद दिलाती है, जिसने पूरे ईरान को झकझोर कर रख दिया था.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP