ईरान युद्ध: ट्रंप और MAGA समर्थकों में ठनी, करीबियों ने कहा 'विश्वासघात'
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध ने उनके सबसे वफादार 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA) आंदोलन के भीतर एक अभूतपूर्व विद्रोह पैदा कर दिया है. ट्रंप के कोर समर्थक और प्रभावशाली दक्षिणपंथी मीडिया हस्तियां अब सार्वजनिक रूप से राष्ट्रपति के खिलाफ मोर्चा खोल रही हैं, जिसे वे चुनावी वादों के साथ किया गया विश्वासघात बता रहे हैं.
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के चुनावों में ट्रंप की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कई हाई-प्रोफाइल इन्फ्लुएंसर्स अब इस संघर्ष के विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं, जिससे रिपब्लिकन पार्टी के भीतर एक गहरा आंतरिक विभाजन स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है.
इस विरोध का नेतृत्व कर रहे प्रमुख रूढ़िवादी इन्फ्लुएंसर टकर कार्लसन ने हाल ही में सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि उन्हें ट्रंप का समर्थन करने पर पछतावा है. कार्लसन, जिनके पास करोड़ों की संख्या में MAGA समर्थक हैं, ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ युद्ध अमेरिकी सुरक्षा के लिए नहीं बल्कि सहयोगियों के हितों के लिए लड़ा जा रहा है.
उन्होंने 20 अप्रैल को अपने एक बयान में कहा कि अनजाने में लोगों को गुमराह करने के लिए वह क्षमाप्रार्थी हैं. कार्लसन के अलावा, मेगिन केली और कैंडिस ओवेंस जैसी प्रभावशाली हस्तियों ने भी ट्रंप प्रशासन की तीखी आलोचना की है. कैंडिस ओवेंस ने तो यहां तक आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन ने अपने आधार को धोखा दिया है और 'अमेरिका फर्स्ट' के वादे को पूरी तरह छोड़ दिया है.
ब्रूकिंग्स इंस्टीट्यूशन के वरिष्ठ फेलो डैरेल वेस्ट के अनुसार, ट्रंप के लिए यह एक गंभीर समस्या है क्योंकि उन्होंने विदेशी युद्धों को समाप्त करने का वादा किया था, लेकिन इसके विपरीत उन्होंने कई देशों पर बमबारी की है.
जानकारों का मानना है कि जो मतदाता ट्रंप के 'नो मोर वॉर्स' (कोई और युद्ध नहीं) के नारे से प्रभावित थे, वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. हालांकि, ओपिनियन पोल के अनुसार, अभी भी MAGA रिपब्लिकन का एक बड़ा हिस्सा सैन्य कार्रवाई का समर्थन करता है, लेकिन कुल मिलाकर 61 प्रतिशत अमेरिकी इस युद्ध को एक बड़ी गलती मान रहे हैं. आम समर्थकों के बीच भी यह असंतोष गहरा है. कई समर्थकों का मानना है कि ईरान पर हमला घरेलू एजेंडे से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है.
इस राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, ट्रंप ने सांसदों को सूचित किया है कि ईरान के खिलाफ युद्ध अब आधिकारिक तौर पर 'समाप्त' हो गया है. दरअसल, 1973 के वॉर पावर्स रेजोल्यूशन के तहत राष्ट्रपति को बिना कांग्रेस की मंजूरी के शुरू की गई सैन्य कार्रवाई को 60 दिनों के भीतर समाप्त करना होता है. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू किए थे, जिसकी समय सीमा मई की शुरुआत में समाप्त हो गई.
हालांकि ट्रंप ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि ईरान से खतरा अभी भी बना हुआ है और रक्षा विभाग अपनी स्थिति की समीक्षा करता रहेगा, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आगामी मिडटर्म चुनावों में यह असंतोष रिपब्लिकन पार्टी के लिए घातक साबित हो सकता है. सेंट एंसल्म कॉलेज के प्रोफेसर क्रिस्टोफर गैल्डीरी के अनुसार, यदि रिपब्लिकन मतदाता निराश होकर घर बैठ गए, तो यह आने वाले चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए एक 'ब्लू सुनामी' का रास्ता साफ कर सकता है.