ईरान युद्ध से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा, एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
नई दिल्ली । डेस्क: अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख फातिह बिरोल ने सोमवार को चेतावनी दी है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक "बेहद गंभीर खतरा" बन गया है. ऑस्ट्रेलिया के नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए बिरोल ने कहा कि मध्य पूर्व का यह संकट 1970 के दशक के तेल झटकों और रूस-यूक्रेन युद्ध के गैस संकट से भी अधिक विनाशकारी साबित हो सकता है.
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के नौ देशों में लगभग 40 ऊर्जा संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और वैश्विक तेल व गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा ठप पड़ा है.
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का अल्टीमेटम देने और ऐसा न करने पर ईरान के बिजली संयंत्रों को "नेस्तनाबूद" करने की धमकी के बाद भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है.
ट्रंप की इस सख्त चेतावनी और ईरान द्वारा अमेरिकी व इजरायली ठिकानों पर जवाबी हमले की धमकी से वैश्विक शेयर बाजारों में हाहाकार मच गया है.
सोमवार को एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसमें जापान का निक्केई 3.5 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6.5 प्रतिशत तक लुढ़क गया. भारतीय बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे और शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1,555 अंक तथा निफ्टी करीब 480 अंक टूट गया.
ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है.
बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि तेल की बढ़ती कीमतों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को फिलहाल खत्म कर दिया है, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आईईए अब सदस्य देशों के साथ आपातकालीन तेल भंडार जारी करने की संभावना पर विचार कर रहा है.