ईरान की अमेरिका को शर्त: 'नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करो, तभी होगी बातचीत'
न्यूयॉर्क । डेस्क: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान ने कूटनीतिक बातचीत फिर से शुरू करने के लिए एक बड़ी शर्त रख दी है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरवानी ने स्पष्ट किया है कि जब तक अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह खत्म नहीं करता, तब तक ईरान किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत में शामिल नहीं होगा.
इरवानी ने कहा कि यह नाकाबंदी संघर्ष विराम का उल्लंघन है और इसके हटते ही इस्तांबुल में वार्ता का अगला दौर शुरू हो सकता है.
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि अमेरिका राजनीतिक समाधान चाहता है तो ईरान तैयार है, लेकिन युद्ध की स्थिति में भी देश पीछे नहीं हटेगा.
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपनी सार्वजनिक आक्रामकता के बावजूद आर्थिक तंगी के कारण निजी तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए पैरवी कर रहा है.
ट्रंप के अनुसार, नाकाबंदी के कारण ईरान को प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का नुकसान हो रहा है.
इस बीच, क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है क्योंकि हाल ही में ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर द्वारा हमले की खबरें आई हैं. फिलहाल, होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए एक बड़ा संकट बना हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है.