IndiGo संकट: DGCA ने CEO से की पूछताछ
नई दिल्ली । डेस्क: इंडिगो में हालिया बड़ी परिचालन गड़बड़ियों को लेकर नियामक जांच तेज हो गई है. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की उच्च-स्तरीय जांच समिति के सामने पेश होना पड़ा.
DGCA की चार सदस्यीय पैनल ने एल्बर्स और मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) Isidro Porqueras से कई घंटों तक गहन पूछताछ की. एल्बर्स ने करीब सात घंटे और Porqueras ने पांच घंटे पैनल के सामने बिताए.
एक दिन पहले प्रभावित यात्रियों को ₹10,000 के ट्रैवल वाउचर के रूप में मुआवजे की घोषणा करने के बाद, इंडिगो ने शुक्रवार को अनुमान लगाया कि इस मद में कुल खर्च ₹500 करोड़ से अधिक होगा. कंपनी जनवरी में प्रभावित ग्राहकों तक पहुँचना शुरू करेगी.
संकट से जुड़ी कथित चूक के लिए DGCA ने तत्काल प्रभाव से चार उड़ान परिचालन निरीक्षकों को सेवामुक्त कर दिया है. ये अधिकारी एयरलाइन संचालन की निगरानी करते हैं.
इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ने परिचालन गड़बड़ियों के मूल कारण की स्वतंत्र समीक्षा के लिए अनुभवी विमानन विशेषज्ञ कैप्टन जॉन इल्सन के नेतृत्व वाली चीफ एविएशन एडवाइजर्स एलएलसी को नियुक्त करने की घोषणा की है.
गड़बड़ी के कारण DGCA ने एयरलाइन को अपने शीतकालीन शेड्यूल की उड़ानों में 10 प्रतिशत की कटौती करने का निर्देश दिया है.
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) भी प्रतिस्पर्धा मानदंडों के संभावित उल्लंघन की आंतरिक रूप से जांच कर रहा है.
इंडिगो के संचालन अब धीरे-धीरे स्थिर हो रहे हैं, और कंपनी ने संशोधित 'स्केल्ड-डाउन' शेड्यूल के अनुसार शुक्रवार को 2,000 से अधिक उड़ानें संचालित करने की बात कही है.
यह संकट 1 से 9 दिसंबर के बीच अपर्याप्त योजना और पायलटों के ड्यूटी घंटों के नए नियमों को लागू करने में कर्मचारियों की कमी के कारण हजारों उड़ानों को रद्द करने से शुरू हुआ था.