इंडिगो संकट: 600+ उड़ानें रद्द, हवाई अड्डों पर भारी अफरातफरी
नई दिल्ली । डेस्क: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनियों में से एक इंडिगो लगातार चौथे दिन ऑपरेशनल समस्याओं से जूझ रही है. क्रू सदस्यों की तैनाती में हुई गलती और सर्दियों के कोहरे के कारण देश भर के हवाई अड्डों पर भारी अव्यवस्था फैल गई है. शुक्रवार सुबह तक 600 से अधिक इंडिगो की उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं.
इसका सीधा असर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, गोवा और कोलकाता सहित देश के लगभग सभी बड़े हवाई अड्डों पर पड़ा है. हजारों यात्री फंस गए हैं और उन्हें भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
दिल्ली हवाई अड्डे की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, हवाई अड्डे के फर्श पर हजारों सूटकेस बिखरे पड़े हैं और कई यात्रियों ने फर्श पर सोकर रात बिताई है. यात्रियों का कहना है कि उन्हें 12 से 14 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन न तो सामान मिल रहा है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी. भोजन या पेय पदार्थों की भी कोई व्यवस्था नहीं है.
गुस्साए यात्रियों ने कई हवाई अड्डों पर विरोध प्रदर्शन किया है. हैदराबाद में, नाराज यात्रियों के एक समूह ने एक एयर इंडिया की उड़ान को भी रोक दिया. गोवा हवाई अड्डे पर भी तनाव बढ़ा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात करना पड़ा.
पीटीआई ने जानकारी दी है कि मुंबई में 118, बेंगलुरु में 100, हैदराबाद में 75, कोलकाता में 35, चेन्नई में 26 और गोवा में 11 उड़ानें रद्द की गई हैं.
इंडिगो ने बताया है कि नाइट ड्यूटी के समय में बदलाव के नए नियमों के कारण क्रू सदस्यों की तैनाती की गणना में गलती हुई, जिससे परिचालन प्रबंधन में बड़ी खामी आ गई. साथ ही, सर्दियों का कोहरा और हवाई अड्डों पर अत्यधिक भीड़ ने स्थिति को और जटिल बना दिया.
इंडिगो ने औपचारिक रूप से माफी मांगते हुए कहा है कि उनकी टीम तेजी से स्थिति को सामान्य करने की पूरी कोशिश कर रही है. हालांकि, एयरलाइन ने यह चेतावनी भी दी है कि अगले दो-तीन दिनों तक यह समस्या बनी रह सकती है.
इंडिगो ने 8 दिसंबर से उड़ानों की संख्या कम करके परिचालन को स्थिर करने की योजना बनाई है. एयरलाइन के सीईओ पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा है कि सामान्य सेवाओं को बहाल करना 'आसान लक्ष्य नहीं' है.