'अर्नाला' चीनी पनडुब्बियों पर नजर रखेगा
नई दिल्ली । डेस्क: बंगाल की खाड़ी में चीनी पनडुब्बियों पर नजर रखने के लिये नौसेना ने गार्डेनरीच का 'अर्नाला' जल में उतारा है. कोलकाता की 'गार्डेनरीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड' ने स्वदेशी तकनीक से निर्मित पनडुब्बी रोधी कोर्वेट श्रेणी का युद्धपोत आईएनएस अर्नाला बनाया है.
गुरुवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम नौसैनिक अड्डे पर एक समारोह में इस युद्धपोत को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना में शामिल किया गया. इस कार्यक्रम में सेना प्रमुख जनरल अनिल चौहान भी मौजूद थे.
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उथले जल में संचालन की क्षमता वाला इस तरह का कोर्वेट युद्धपोत भारत में पहली बार बनाया गया है.
सूत्रों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर, विशेष रूप से म्यांमार तट के आसपास के क्षेत्र में चीनी परमाणु पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिये आईएनएस अर्नाला में 'सोनार' सहित कई अत्याधुनिक उपकरण मौजूद हैं.
यह पनडुब्बी रोधी कोर्वेट कोलकाता की 'गार्डेनरीच शिप बिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड' ने निर्मित किया है. यह युद्धपोत सोवियत युग के 'पेट्या' श्रेणी के पनडुब्बी रोधी फ्रिगेट के डिज़ाइन पर आधारित है, लेकिन इसमें आधुनिक और उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है.
77 मीटर लंबा और 1490 टन वजनी यह युद्धपोत 'डीजल इंजन-वाटरजेट प्रपल्शन सिस्टम' से संचालित है, जिसके कारण यह शत्रु युद्धपोतों या पनडुब्बियों के लिये दुर्गम उथले जल में भी आसानी से संचालित हो सकता है. वास्तव में, आईएनएस अर्नाला भारतीय नौसेना का सबसे बड़ा 'डीजल इंजन-वाटरजेट प्रपल्शन सिस्टम' वाला युद्धपोत है.