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भारत में पैदा हुई चीता 'मुखी' ने दिए 5 शावकों को जन्म

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20 नव. 2025, 02:09 PM 3 मिनट में पढ़ें 2

चीता मुखी
चीता मुखी

नई दिल्ली । डेस्क: 20 नवंबर 2025 को भारत के वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) इतिहास में एक बहुत बड़ी और खुशी की बात सामने आई है. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ऐलान किया कि 'प्रोजेक्ट चीता' के तहत एक ऐतिहासिक कामयाबी मिली है.


'मुखी' एक मादा चीता है, जो भारत में ही पैदा हुई पहली चीता है. उसकी उम्र लगभग 2 साल 9 महीने है. मुखी ने हाल ही में पांच स्वस्थ बच्चों (शावकों) को जन्म दिया है!

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मंत्री यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत में चीतों को फिर से बसाने की कोशिशों में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पल है.



यह पहली बार है जब भारत में पैदा हुए किसी चीते ने सफलतापूर्वक बच्चे दिए हैं. इसका साफ मतलब है कि भारतीय माहौल चीतों के लिए पसंदीदा है.


चीते यहां स्वस्थ हैं और लंबे समय तक जी सकते हैं. यह घटना इस बात की मजबूत निशानी है कि चीते भारत में पूरी तरह ढल रहे हैं.


भूपेंद्र यादव ने कहा, "यह बड़ी खबर भारत में चीतों की एक ऐसी आबादी बनाने की उम्मीद को और मजबूत करती है जो आत्मनिर्भर हो (यानी खुद ही अपनी संख्या बढ़ाए) और जेनेटिकली अलग-अलग हो." उन्होंने यह भी पक्का किया कि मां 'मुखी' और उसके पांचों बच्चे अभी बिल्कुल ठीक हैं.


यह बड़ी कामयाबी 'प्रोजेक्ट चीता' की सफलता पर मुहर लगाती है और भारत के वन्यजीव बचाने के प्रयासों में जनता का विश्वास और बढ़ाएगी.


प्रोजेक्ट चीता: भारत में चीतों की वापसी

प्रोजेक्ट चीता, भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक ऐतिहासिक और महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य भारत में चीतों को दोबारा बसाना है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था. शिकार और आवास की कमी के कारण ये जानवर देश से पूरी तरह खत्म हो गए थे. इस प्रोजेक्ट के तहत, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे अफ्रीकी देशों से दक्षिण-पूर्वी अफ्रीकी चीतों को लाकर मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) में बसाया गया है, जिसकी शुरुआत सितंबर 2022 में हुई थी. 


इस प्रोजेक्ट का मुख्य लक्ष्य भारत में चीतों की एक आत्मनिर्भर और जेनेटिकली विविध आबादी स्थापित करना है. इसके साथ ही, यह कार्यक्रम घास के मैदानों और खुले जंगलों के पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने और वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी काम करता है. भारत में जन्मी पहली मादा चीता 'मुखी' द्वारा पांच शावकों को जन्म देना इस प्रोजेक्ट की एक बड़ी सफलता है, जो यह साबित करता है कि चीते भारतीय वातावरण में सफलतापूर्वक अनुकूलन कर रहे हैं और यह भारत में चीता आबादी को स्थायी बनाने की उम्मीद को और मजबूत करता है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP