जाति जनगणना 1 मार्च 2027 से
नई दिल्ली | डेस्क : पहली जाति आधारित डिजिटल जनगणना 1 मार्च 2027 से शुरू होगी. केंद्र सरकार ने बुधवार को पुष्टि की कि अगली राष्ट्रव्यापी जनगणना, जिसमें पहली बार जाति गणना भी शामिल होगी, 1 मार्च 2027 से शुरू होगी. वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, कुछ चुनिंदा क्षेत्रों जैसे लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में जनगणना अक्टूबर 2026 से शुरू होगी.
यह राष्ट्रीय जनगणना दो चरणों में आयोजित किया जायेगा. यह घोषणा पिछले महीने केंद्र सरकार द्वारा की गई उस घोषणा के बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि अगली दशकीय जनगणना में जाति-आधारित गणना शामिल होगी. यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय कैबिनेट कमेटी ऑन पॉलिटिकल अफेयर्स में लिया गया था.
बिहार, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश ने पिछले तीन वर्षों में जाति सर्वेक्षण किये हैं, जबकि कर्नाटक 2015 में किये गये एक सर्वेक्षण के डेटा को जारी करने पर विचार कर रहा है.
2021 में निर्धारित पिछली दशकीय राष्ट्रीय जनगणना को कोविड-19 महामारी के कारण अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया था.
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना 2027 भारत की पहली डिजिटल जनगणना होगी. केंद्र ने पहले ही घोषणा की थी कि डेटा संग्रह के लिये एक मोबाइल ऐप और जनगणना से संबंधित विभिन्न गतिविधियों के प्रबंधन और निगरानी के लिए एक जनगणना पोर्टल विकसित किया जा चुका है.