डेयरी क्षेत्र पर झुकने को तैयार नहीं भारत, न्यूजीलैंड के साथ FTA संपन्न
नई दिल्ली । डेस्क: भारत और न्यूजीलैंड ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की वार्ता पूरी कर ली है. जिससे भारतीय कपड़ा, जूते-चप्पल और इंजीनियरिंग जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को न्यूजीलैंड के बाजार में शून्य-शुल्क पहुंच मिलेगी. इस बड़ी उपलब्धि के बावजूद, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूस गोयल ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने डेयरी क्षेत्र को विदेशी प्रतिस्पर्धा के लिए कभी नहीं खोलेगा.
यह रुख न केवल न्यूजीलैंड के साथ बातचीत में कायम रहा, बल्कि अमेरिका के साथ जारी व्यापार वार्ता के लिए भी एक कड़ा संदेश है, जहां डेयरी उत्पादों पर आयात शुल्क एक बड़ा विवाद का विषय बना हुआ है.
न्यूजीलैंड के साथ हुए इस समझौते के तहत भारत को 100 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त हुई है, जिससे आईटी, पर्यटन और शिक्षा जैसे सेवा क्षेत्रों में भारतीय पेशेवरों के लिए नए अवसर खुलेंगे.
विशेष रूप से, भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए वीजा नियमों में ढील दी गई है, जिसमें योग प्रशिक्षक, आयुष चिकित्सक और शेफ जैसे कुशल कामगारों के लिए 5,000 वीजा का कोटा निर्धारित किया गया है.
बदले में, न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश का वादा किया है. इसके अतिरिक्त, दोनों देश कीवी, सेब और शहद जैसे कृषि उत्पादों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 'एग्री-टेक्नोलॉजी एक्शन प्लान' पर सहयोग करेंगे.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह समझौता अगले तीन महीनों में हस्ताक्षरित होने और अगले साल तक लागू होने की उम्मीद है.