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भारत विश्व क्रिकेट का बादशाह बन गया है

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07 फ़र. 2026, 06:34 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

क्रिकेट
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नई दिल्ली । डेस्क: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मौजूदा परिदृश्य ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब न केवल मैदान पर, बल्कि खेल के प्रशासन और अर्थव्यवस्था में भी दुनिया का निर्विवाद बादशाह बन चुका है. आगामी टी20 विश्व कप से पहले की घटनाओं और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के कड़े रुख ने साबित कर दिया है कि वैश्विक क्रिकेट का केंद्र अब पूरी तरह से भारत की ओर स्थानांतरित हो चुका है. 


हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के फैसले पर आईसीसी ने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी है, वह भारत के बढ़ते वैश्विक कद और उसकी खेल नीति की जीत को दर्शाता है. आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि भारत के बिना किसी भी बड़े टूर्नामेंट की कल्पना करना असंभव है और जो देश इस सच्चाई को स्वीकार करने में विफल रहते हैं, वे अंततः खेल के वैश्विक मानचित्र पर हाशिए पर चले जाते हैं. 


यह भारत की दृढ़ता और स्पष्ट नीति का ही परिणाम है कि खेल की सर्वोच्च संस्था भी अब खेल की अखंडता और पवित्रता को बनाए रखने के लिए भारतीय हितों को प्राथमिकता दे रही है.


भारत की इस बादशाहत का सबसे बड़ा आधार उसकी सुदृढ़ क्रिकेट अर्थव्यवस्था है. साल 2014 में 'बिग थ्री' मॉडल के उदय के बाद से भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने खेल को एक पेशेवर और मुनाफे वाली दिशा दी है. वर्तमान में आईसीसी के कुल राजस्व का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा भारत को मिलना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक क्रिकेट की वित्तीय रीढ़ भारत ही है. 


इसी आर्थिक शक्ति के कारण आज आईपीएल (IPL) दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग बन चुकी है, जिसके शेड्यूल के लिए अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर तक को खाली रखा जाता है. क्रिकेट की दुनिया अब यह मान चुकी है कि यदि खेल को जीवित और आर्थिक रूप से समृद्ध रहना है, तो उसे भारत के नेतृत्व को स्वीकार करना ही होगा. 


बांग्लादेश जैसे बोर्डों को मिली कड़ी चेतावनी और टूर्नामेंट के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना यह दिखाता है कि अनुशासन और व्यावसायिकता के मामले में अब कोई समझौता नहीं किया जाएगा. जो देश भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं, वे ही इस नई व्यवस्था में फल-फूल रहे हैं.


दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और वेस्टइंडीज जैसे देशों के बोर्डों ने यह बखूबी समझ लिया है कि बीसीसीआई के साथ सहयोग करना ही उनके अस्तित्व और विकास की कुंजी है. आज दक्षिण अफ्रीका की अपनी टी20 लीग हो या अन्य देशों के द्विपक्षीय दौरे, भारतीय निवेश और सहयोग के बिना उनकी सफलता संदिग्ध है. 


आईसीसी के अध्यक्ष के रूप में जय शाह का नेतृत्व भारत के इस प्रशासनिक प्रभुत्व को और अधिक मजबूती प्रदान कर रहा है, जिससे क्रिकेट में निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख हुई है. भारत ने न केवल अपनी टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम के रूप में स्थापित किया है, बल्कि अपनी कूटनीति से यह भी सुनिश्चित किया है कि क्रिकेट का भविष्य भारत की शर्तों पर ही तय हो. 


यह 'न्यू इंडिया' का उदय है, जहाँ खेल के मैदान से लेकर बोर्डरूम तक भारत की आवाज ही सबसे बुलंद है. अब दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक यह स्वीकार कर चुके हैं कि क्रिकेट का असली उत्थान भारत की इसी बादशाहत में निहित है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP