भारत में भूजल का अत्यधिक दोहन: छत्तीसगढ़ भी शामिल
नई दिल्ली । डेस्क: छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों में शामिल है जहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है. छत्तीसगढ़ के बारे में कहा गया है कि ऐसे जिले जहां भूजल स्तर 40 एमबीजीएल या उससे अधिक हैं, उनकी संख्या में कमी आई है. यह 2014 में 3 से घटकर 1 हो गई है. डाउन टू अर्थ हिंदी में प्रकाशित इस रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 16 राज्य भूजल का स्तर इतना अधिक दोहन कर रहे हैं कि इससे देश के कई हिस्सों में जल संकट गहराता जा रहा है. केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) के आंकड़ों के मुताबिक, देश में भूजल का स्तर लगातार गिर रहा है, जिससे पीने के पानी से लेकर कृषि तक पर गंभीर असर पड़ रहा है.
रिपोर्ट के अनुसार, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और दिल्ली जैसे राज्यों में भूजल का सबसे ज्यादा दोहन हो रहा है. इन राज्यों में कई ब्लॉक ऐसे हैं जहां भूजल स्तर इतना नीचे चला गया है कि अब वहां के कुयें और ट्यूबवेल सूखने लगे हैं.
छत्तीसगढ़ भी उन राज्यों में शामिल है जहां भूजल का अत्यधिक दोहन हो रहा है. राज्य के कई जिलों, विशेषकर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और राजनांदगांव में भूजल स्तर तेजी से गिरा है. किसानों को सिंचाई के लिये पानी नहीं मिल पा रहा है, जिससे खेती पर बुरा असर पड़ रहा है. गर्मियों में तो हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब कई गांवों में पीने के पानी के लिए टैंकरों पर निर्भर रहना पड़ता है.
किसानों द्वारा ज्यादा पानी वाली फसलें उगाने के लिये भूजल का अंधाधुंध उपयोग से भू जल में गिरावट आई है.इसी तरह बढ़ते शहरों और उद्योगों में पानी की मांग बढ़ने से भूजल का स्तर गिर रहा है. इसके अलावा बारिश का पानी जमीन में नहीं समा पाता, जिससे भूजल रिचार्ज नहीं हो पाता.