क्रिसमस पर बढ़ते हमले: केरल में विपक्ष के नेता का भाजपा पर आरोप
तिरुवनंतपुरम । डेस्क: केरल में विपक्ष के नेता वी डी सतीसन ने देशभर में ईसाइयों पर हो रहे बढ़ते हमलों पर गहरी चिंता जताई है. उन्होंने क्रिसमस जैसे पवित्र अवसर पर भी हिंसा की घटनाओं को रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी संगठनों पर निशाना साधा. सतीसन का कहना है कि भाजपा न केवल इन हमलों को जायज ठहरा रही है, बल्कि केरल जैसे शांतिप्रिय राज्य में भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रही है.
सतीसन ने हाल ही में पलक्कड़ में हुई एक घटना का जिक्र किया, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने क्रिसमस कारोल समूह पर हमला बोल दिया. उन्होंने बताया कि हमले के बाद भाजपा नेताओं ने इसे सही ठहराया, जो अल्पसंख्यकों के खिलाफ घृणा का प्रतीक है.
इसी तरह, तिरुवनंतपुरम के डाक महानिदेशक कार्यालय में क्रिसमस समारोह के दौरान भारतीय मजदूर संघ के एक नेता ने आरएसएस गीत को शामिल करने की मांग की, जिसके बाद पूरा आयोजन रद्द कर दिया गया. ससतीसन ने चेतावनी दी कि संघ परिवार के संगठन केरल में भी घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, "वे लोग जो केरल आकर क्रिसमस और ईस्टर पर केक-वाइन का मजा लेते हैं, वही पूरे देश में ईसाइयों पर हमले करवा रहे हैं."
अल्पसंख्यक संरक्षण संस्थाओं की निष्क्रियता पर भी सतीसन ने कटाक्ष किया. उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक आयोग पिछले पांच वर्षों से सुस्त पड़ा हुआ है, जबकि अल्पसंख्यक शिक्षा आयोग भी कामचलाऊ तरीके से चल रहा है. एक धर्मनिरपेक्ष देश में जहां सभी समुदायों को पूजा-अर्चना और त्योहार मनाने की आजादी होनी चाहिए, वहां संस्थाएं विफल हो रही हैं.
सतीसन ने अपील की कि इस स्थिति के खिलाफ जोरदार विरोध और प्रतिरोध जरूरी है. उन्होंने कहा, "हमारे ईसाई भाइयों-बहनों का साथ दें, जो देश के कई हिस्सों में क्रिसमस मनाने से वंचित कर दिए जा रहे हैं. संघ परिवार को तुरंत अल्पसंख्यकों पर हमलों का सिलसिला रोकना चाहिए और हथियार डाल देना चाहिए."
आंकड़ों के सहारे सतीसन ने हमलों की गंभीरता को उजागर किया. 2024 में ईसाइयों के खिलाफ 830 हमले दर्ज किए गए, जबकि इस साल अक्टूबर तक ही 706 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और गुजरात जैसे राज्यों में क्रिसमस पूजा और प्रार्थना सभाओं में बाधा डाली गई.
जबलपुर में एक पूजा के दौरान नेत्रहीन महिला पर हमला हुआ, तो छत्तीसगढ़ में ईसाई अंतिम संस्कार पर रोक लगाने से हिंसा भड़क गई और कई चर्चों को आग के हवाले कर दिया गया.
सतीसन ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर विशेष निशाना साधा, जहां कथित रूप से क्रिसमस की छुट्टी रद्द कर दी गई और बाइबल वितरण के लिए पादरियों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बाइबल बांटना अपराध नहीं है, फिर भी धार्मिक सभाओं और प्रार्थना सभाओं पर एंटी-कन्वर्जन कानूनों के तहत केस दर्ज किए जा रहे हैं. यह सब अल्पसंख्यकों की धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला है.
केरल को शांति का गढ़ बताते हुए सतीसन ने कहा कि यहां भी सांप्रदायिकता के बीज बोने की साजिश रुकनी चाहिए. विपक्षी नेता की यह अपील देशभर के ईसाई समुदाय के लिए एकजुटता का संदेश देती है, जो क्रिसमस के इस पावन मौके पर शांति और सद्भाव की मांग कर रही है.