इमरान ख़ान ज़िंदा हैं-खुर्रम
नई दिल्ली | संवाददाता : पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान को लेकर चल रही तरह-तरह की अफ़वाहों के बीच उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) के एक नेता ने दावा किया है कि इमरान ख़ान बिल्कुल ज़िंदा हैं और अदियाला जेल में ही क़ैद हैं.
पीटीआई के सीनेटर खुर्रम ज़ीशान ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर इमरान ख़ान की सेहत और उनके निधन से जुड़ी उटपटांग ख़बरें फैलाई जा रही हैं, जिनमें कोई सच्चाई नहीं है.
ज़ीशान से पहले इमरान ख़ान के बेटे कासिम ख़ान ने भी अपने पिता के लिए 'प्रूफ़ ऑफ़ लाइफ़' यानी उनके ज़िंदा होने का आधिकारिक सबूत मांगा था.
खुर्रम ज़ीशान ने इमरान ख़ान की मौत से जुड़ी चर्चाओं को सिरे से ख़ारिज करते हुए कहा कि वे अदियाला जेल में ही बंद हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह एकांत में रखा गया है और उन पर पाकिस्तान छोड़ने का दबाव डाला जा रहा है.
उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्हें लगभग एक महीने से पूरी तरह अकेले रखा गया है. उनके परिवार, वकीलों और यहां तक कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ के शीर्ष नेतृत्व तक को भी उनसे मिलने की इजाज़त नहीं दी जा रही है. यह साफ़ तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है. ऐसा लगता है कि उन्हें किसी बात पर मजबूर करने की कोशिश की जा रही है.”
इधर, पाकिस्तान के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर बुधवार से ही इमरान ख़ान की स्थिति को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं. उनकी सुरक्षा, सेहत और जेल में उनके साथ हो रहे बर्ताव पर लगातार सवाल उठ रहे हैं.
इससे पहले, इमरान ख़ान के बेटे कासिम ख़ान ने भी एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करके अपने पिता की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है.
उन्होंने लिखा, “मेरे पिता पिछले 845 दिनों से जेल में बंद हैं. पिछले छह हफ़्तों से उन्हें एक डेथ सेल में एकांत में रखा गया है. यहाँ किसी भी तरह की पारदर्शिता नहीं है. अदालत के स्पष्ट आदेश होने के बावजूद उनकी बहनों को हर मुलाक़ात से वंचित रखा गया है. न कोई फ़ोन कॉल, न कोई मुलाक़ात और न ही उनके ज़िंदा होने का कोई सबूत. मेरा और मेरे भाई का अपने पिता से बिल्कुल संपर्क नहीं हो पाया है.”
कासिम ख़ान ने आगे लिखा, “यह पूरी तरह से ब्लैकआउट है, इसे किसी भी तरह सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं कहा जा सकता. यह उनकी वास्तविक स्थिति को छिपाने और हमारे परिवार को यह जानने से रोकने का सोचा-समझा प्रयास है कि वे सुरक्षित हैं या नहीं. मेरे पिता की सुरक्षा और इस अमानवीय एकांत क़ैद के हर नतीजे के लिए पाकिस्तानी सरकार नैतिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूरी तरह ज़िम्मेदार होगी.”
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, वैश्विक मानवाधिकार संगठनों और लोकतांत्रिक देशों से अपील की कि वे तुरंत हस्तक्षेप करें.
कासिम ने कहा, “मैं दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों और हर लोकतांत्रिक आवाज़ से अपील करता हूँ कि इमरान ख़ान के जीवित होने का सबूत मांगे, अदालत के निर्देशों को लागू करवाएं, इस अमानवीय एकांत क़ैद को समाप्त करें और पाकिस्तान के सबसे लोकप्रिय नेता की रिहाई की मांग उठाएं, जिन्हें सिर्फ़ राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है.”