छत्तीसगढ़ में बीड़ी पीने से हर दिन 30 की मौत, राज्य की 39.1 % जनता तंबाकूखोर
रायपुर | संवाददाता: छत्तीसगढ़ में बीड़ी पीने से होने वाले रोगों के कारण हर दिन 30 लोगों की मौत हो रही है. छत्तीसगढ़ राज्य तंबाकू सेवन के मामले में देश में आठवें नंबर पर है. ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे यानी GATS के अंतिम सर्वे के अनुसार, छत्तीसगढ़ की 39.1% जनसंख्या किसी न किसी रूप में तंबाकू का उपयोग करती है, जो कि राष्ट्रीय औसत 28.4% से कहीं अधिक है.
यह आँकड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती को उजागर करता है.
यह सर्वे 2016-17 में किया गया था और यही अंतिम सर्वे है. इस सर्वे के अनुसार लगभग 7% उपयोगकर्ताओं ने 15 वर्ष की आयु से पहले तंबाकू का सेवन शुरू किया, 29% ने 15 से 17 वर्ष की उम्र में और 35.4% ने 18 से 19 वर्ष की आयु में इसकी शुरुआत की.
तंबाकू का उपयोग करने वाले लोग औसतन, छत्तीसगढ़ में लोग 18.5 वर्ष की उम्र में तंबाकू का सेवन शुरू करते हैं. उल्लेखनीय है कि 14 वर्ष से कम आयु के लोगों में तंबाकू सेवन के मामले में छत्तीसगढ़ देश में सबसे आगे है.
छत्तीसगढ़ में तंबाकू सेवन के गंभीर स्वास्थ्य परिणाम देखे जा रहे हैं.
एम्स-जोधपुर के एक अध्ययन के अनुसार, 2023 में राज्य में बीड़ी पीने से जुड़ी मौतों की संख्या 11,000 से अधिक थी, और राज्य की 4.1% जनसंख्या नियमित रूप से बीड़ी पीती है. पूरे देश में, 2023 में बीड़ी सेवन से जुड़ी मौतों की संख्या 5.5 लाख से अधिक रही.
इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं में तंबाकू सेवन की वजह से जटिलताएँ बढ़ी हैं, जिनमें 1.6% गर्भपात की दर उन महिलाओं में देखी गई है जो तंबाकू का सेवन करती हैं.