रणजी ट्रॉफी: छत्तीसगढ़ ने पंजाब के खिलाफ उम्मीदें रखीं कायम
पंजाब के खिलाफ 250 रनों से पिछड़ने और फॉलोऑन झेलने के बाद छत्तीसगढ़ ने अमनदीप खरे और आयुष पांडे की संयमित बल्लेबाजी से तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 123 रन बना लिए हैं.
चंडीगढ़ । डेस्क: न्यू पीसीए स्टेडियम में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी के दूसरे दौर के मुकाबले में छत्तीसगढ़ ने पंजाब के खिलाफ मजबूत वापसी का जज्बा दिखाया है. फॉलोऑन का सामना कर रही छत्तीसगढ़ की टीम ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक अपनी दूसरी पारी में 3 विकेट के नुकसान पर 123 रन बना लिए हैं. टीम अभी भी पंजाब की पहली पारी के स्कोर से 127 रन पीछे है, लेकिन क्रीज पर डटे बल्लेबाजों ने मैच में पारी की हार टालने की उम्मीदों को जीवित रखा है.
छत्तीसगढ़ की इस जुझारू वापसी के सूत्रधार कप्तान अमनदीप खरे और सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे रहे. पहली पारी में शानदार 91 रनों की पारी खेलने वाले अमनदीप खरे ने दूसरी पारी में स्थिति की नजाकत को समझते हुए लंगर डाल दिया. उन्होंने 89 गेंदों में संयम के साथ नाबाद 37 रन बनाए. दूसरी तरफ, सलामी बल्लेबाज आयुष पांडे ने एक छोर संभालते हुए 161 गेंदों में नाबाद 59 रन (8 चौके, 1 छक्का) की जुझारू अर्धशतकीय पारी खेली.
दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 74 रनों की अटूट साझेदारी हो चुकी है.
इससे पहले 250 रनों के विशाल अंतर से पिछड़ने के बाद उतरी छत्तीसगढ़ की दूसरी पारी की शुरुआत में झटके लगे. आयुष पांडे और सानिध्य हुरकट ने पहले विकेट के लिए 48 रन जोड़कर अच्छी शुरुआत दी थी, लेकिन इमैनजोत चहल ने लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लेकर छत्तीसगढ़ के शीर्ष क्रम को झकझोर दिया.
पंजाब के स्पिनर हरजस टंडन ने आयुष पांडे को 42 रन के निजी स्कोर पर आउट भी कर दिया था, लेकिन नो-बॉल होने के कारण पांडे को जीवनदान मिला जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया.
दिन के सुबह के सत्र में छत्तीसगढ़ की पहली पारी के दौरान विकल्प तिवारी ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कुछ आकर्षक शॉट्स खेले थे, लेकिन वह हरजस टंडन की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए. इसके बाद अमनदीप खरे ने तेजी से रन बटोरे, हालांकि बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह 91 रन बनाकर कैच आउट हो गए थे.
छत्तीसगढ़ की पहली पारी के अंत के बाद पंजाब ने उसे फॉलोऑन दिया, लेकिन तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक छत्तीसगढ़ के बल्लेबाजों ने पंजाब के गेंदबाजों को और सफलताएं हासिल नहीं करने दीं.