हरीश रावत का कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से त्यागपत्र दे दिया है. रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य पद से हटने की घोषणा की. यह कदम उनके पूर्व निजी सचिव चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद सामने आया है.
प्रवर्तन निदेशालय ने वर्ष 2016 के वीपीडीओ (ग्राम पंचायत विकास अधिकारी) परीक्षा घोटाले से जुड़े मामले में शुक्रवार को चंदन सिंह जीना के परिसरों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी के अनुसार, इस दौरान ₹32 लाख की अघोषित नकदी, लगभग 200.5 ग्राम वजन के 13 सोने के सिक्के व 7 सोने की चेन तथा 12 महंगी ब्रांडेड घड़ियां बरामद की गईं.
ईडी की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, लेकिन पार्टी के संघर्ष और साख को कोई नुकसान न पहुंचे, इसलिए उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए संगठन के पदों से हटने का फैसला किया है.
अपने पूर्व सहयोगी का बचाव करते हुए रावत ने कहा कि जीना एक विनम्र और मेहनती व्यक्ति रहे हैं और उन्हें ओएमआर शीट में गड़बड़ी के आरोपों पर आसानी से विश्वास नहीं होता. हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि जांच में कोई गड़बड़ी साबित होती है, तो ऐसे कृत्य पर उन्हें बेहद शर्मिंदगी होगी.
पूर्व मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई को आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए राजनीतिक साजिश करार दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीधे उन तक पहुंचने के बजाय उनके करीबियों को निशाना बनाकर एक राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की जा रही है. रावत ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी मजबूती के साथ जारी रखेगी.