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ज्ञानेश कुमार ने SC के आदेशों का उल्लंघन कर चुनावी प्रक्रिया से खिलवाड़ किया- CJP

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05 अक्टू. 2026, 07:42 PM 3 मिनट में पढ़ें 4

अभिजीत दिपके
अभिजीत दिपके

नई दिल्ली । डेस्क: सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले फार्म 6 के किसी भी संशोधित प्रारूप को मंजूरी देने से इनकार किए जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है. सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें 'ज्ञानू' कहकर संबोधित किया और कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के कहने पर नियमों के खिलाफ काम किया है. 


दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त को भारत का सबसे बड़ा गद्दार करार देते हुए कहा कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर देश की चुनावी प्रक्रिया से खिलवाड़ किया है, जिससे सीधे तौर पर सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचा है. इस बेहद गंभीर मामले को देखते हुए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त से तुरंत इस्तीफे की मांग की है.

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चुनाव आयोग का दावा झूठा, जनता को दें जवाब: सीजेपी नेता


सीजेपी ने सोशल मीडिया पर प्रेस विज्ञप्तियों और सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की मंशा पर सवाल उठाए हैं. सीजेपी ने कहा कि 26 सितंबर को चुनाव आयोग ने दावा किया था कि शीर्ष अदालत ने फार्म 6 से जुड़ी एसआईआर घोषणा को हरी झंडी दे दी है, जबकि मुख्य न्यायाधीश ने साफ कर दिया है कि अदालत ने किसी भी संशोधित फार्म को मंजूरी नहीं दी है. 


पार्टी ने सवाल किया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया था, तो चुनाव आयोग ने देश को गुमराह क्यों किया. इसके अलावा सीजेपी के सह-संयोजक आशुतोष रांका ने एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के रुख के बाद आयोग ने अपनी पुरानी प्रेस विज्ञप्ति को अपनी वेबसाइट से हटा दिया है, जिससे यह साफ होता है कि आयोग सवालों के घेरे में आ चुका है.


विपक्ष का विरोध प्रदर्शन और 10 अक्टूबर का आंदोलन


सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने आयोग के रवैये के खिलाफ अन्य राजनीतिक दलों और युवाओं के एकजुट होने का आह्वान किया है. उन्होंने चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया (INDIA) गठबंधन द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन का स्वागत करते हुए कहा कि 10 अक्टूबर को होने वाला प्रदर्शन किसी एक संगठन का नहीं, बल्कि देश के युवाओं और जेन-जी (Gen Z) की आवाज है. 


पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी की संभावनाओं पर बात करते हुए सौरव दास ने कहा कि अगर उनके नेताओं को जेल भी भेज दिया जाता है, तो भी युवाओं का यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि अब लोगों के दिल से एफआईआर और जेल जाने का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है, और पुलिस जहां भी प्रदर्शनकारियों को रोकेगी, वहीं स्थान नया 'जंतर-मंतर' बन जाएगा.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP