ज्ञानेश, अब बहुत हो गया, इस्तीफे का समय आ गया है- राहुल गांधी
नई दिल्ली । डेस्क: चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच चल रहा टकराव अब सड़कों पर आ पहुंचा है. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च निकाल रहे 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के सांसदों को दिल्ली पुलिस ने रास्ते में ही रोक दिया.
इसके विरोध में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई दिग्गज नेता नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के पास सड़क पर ही धरने पर बैठ गए.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोलते हुए लिखा, "ज्ञानेश, अब बहुत हो गया. इस्तीफे का समय आ गया है." संसद के मकर द्वार से शुरू हुए इस विरोध मार्च में प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओ ब्रायन और जॉन ब्रिटास समेत विपक्ष के प्रमुख नेता शामिल हुए.
प्रदर्शनकारी सांसद हाथों में पोस्टर लिए "वोट चोर, गद्दी छोड़" और "BJP है CEC है" जैसे नारे लगा रहे थे.
इस विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण वोटर नामांकन से जुड़े फार्म 6 (Form 6) में किए गए बदलावों और उस पर उच्चतम न्यायालय की हालिया टिप्पणी को बताया जा रहा है. विपक्षी नेताओं का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान फार्म 6 के साथ जोड़ी गई अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयोग ने देश को गुमराह किया है.
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के सांसद पी संतोष कुमार और शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर भ्रामक बयान जारी किया, जबकि अदालत ने साफ किया है कि उसने संशोधित फार्म को मंजूरी नहीं दी थी.
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर संस्था की निष्पक्षता और जनविश्वास को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया.
वहीं, सांसदों को रोकने के लिए किए गए भारी सुरक्षा इंतजामों और अर्धसैनिक बलों (BSF और CISF) की तैनाती पर संजय राउत ने सवाल उठाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से मार्च कर रहे जनप्रतिनिधियों को इस तरह रोकना लोकतंत्र का अपमान है.
हालांकि, दूसरी ओर चुनाव आयोग ने किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद से इनकार करते हुए कहा है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं.