इटली के 2027 के चुनाव में जॉर्जिया मेलोनी को युवाओं का गुस्सा झेलना पड़ेगा
नई दिल्ली । डेस्क: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार के लिए युवा मतदाताओं का रुख चिंता का सबब बनता जा रहा है. हालिया ओपिनियन पोल से सामने आए आंकड़ों के अनुसार, युवाओं के बीच सरकार की घटती साख 2027 में होने वाले आगामी आम चुनावों में सत्ताधारी गठबंधन के लिए भारी पड़ सकती है.
वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद से मेलोनी सरकार पर आर्थिक मोर्चे पर युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने में नाकाम रहने और सख्त कानून-व्यवस्था के फैसलों से उन्हें प्रभावित करने के आरोप लग रहे हैं.
पोलिंग एजेंसी 'युवट्रेंड' (Youtrend) के आंकड़ों के मुताबिक, 35 साल से कम उम्र के मतदाताओं में मेलोनी के दक्षिणपंथी गठबंधन का समर्थन सिमटकर 30 प्रतिशत से भी कम रह गया है. इसके विपरीत, डेमोक्रेटिक पार्टी (PD) और 5-स्टार मूवमेंट के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन को इस आयु वर्ग में लगभग 50 प्रतिशत समर्थन मिल रहा है.
इसके साथ ही लैंगिक आधार पर भी गहरा राजनीतिक विभाजन देखा जा रहा है; जहां 18 से 29 वर्ष के युवा पुरुष राइट-विंग नीतियों का रुख कर रहे हैं, वहीं युवतियां स्पष्ट रूप से वामपंथी और मध्य-वामपंथी दलों को तरजीह दे रही हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि युवाओं की इस नाराजगी की मुख्य वजह देश में सुस्त आर्थिक नीतियां हैं. इटली में 15 से 24 वर्ष के युवाओं के बीच रोजगार दर यूरो जोन के 21 देशों में सबसे कम है और शिक्षा के क्षेत्र में भी निवेश की स्थिति बेहद चिंताजनक है.
बेहतर अवसरों की तलाश में हर साल हजारों शिक्षित युवा देश छोड़कर जा रहे हैं. आर्थिक सुधारों की कमी के साथ-साथ सरकार द्वारा लाए गए नए सुरक्षा कानूनों, छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर कड़े रुख और नाबालिगों के आपराधिक दायित्व से जुड़े सख्त नियमों ने युवाओं में असंतोष को और गहरा कर दिया है.
अब तक चुनावों में युवाओं की कम भागीदारी मेलोनी सरकार के लिए राहत की बात रही है, लेकिन हाल ही में हुए एक जनमत संग्रह (Referendum) में 67 प्रतिशत युवाओं ने मतदान कर सरकार के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बदलाव इस बात का स्पष्ट संकेत है कि यदि आगामी 2027 के चुनावों में युवा बड़ी संख्या में मतदान करने निकलते हैं, तो वे इटली की राजनीति में सत्ता का समीकरण बदलने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.