जर्मनी का फीफा विश्व कप बहिष्कार से इनकार
नई दिल्ली । डेस्क: जर्मन फुटबॉल महासंघ (DFB) ने अगले साल होने वाले फीफा विश्व कप के बहिष्कार की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों और हालिया बयानों के विरोध में जर्मनी के भीतर से ही टूर्नामेंट के बहिष्कार की मांग उठ रही थी, लेकिन महासंघ ने स्पष्ट किया है कि वह खेल के माध्यम से दुनिया को जोड़ने के पक्ष में है.
शुक्रवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में DFB ने कहा कि वे खेल की एकजुट करने वाली शक्ति और विश्व कप के वैश्विक प्रभाव पर विश्वास करते हैं, और उनका लक्ष्य इस सकारात्मक ऊर्जा को रोकना नहीं बल्कि उसे और मजबूत करना है.
यह विवाद तब शुरू हुआ जब DFB के उपाध्यक्ष और सेंट पॉल क्लब के अध्यक्ष ओक गोटलिच ने सार्वजनिक रूप से विश्व कप के बहिष्कार पर विचार करने का प्रस्ताव रखा था. गोटलिच ने ट्रंप प्रशासन के कुछ फैसलों को मानवाधिकारों और अंतरराष्ट्रीय मर्यादाओं के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया था.
हालांकि, महासंघ ने इसे गोटलिच की निजी राय बताते हुए एक तरह से उन्हें सार्वजनिक फटकार भी लगाई है. DFB के कार्यकारी बोर्ड ने स्पष्ट किया कि खेल नीति से जुड़ी चर्चाएं सार्वजनिक रूप से करने के बजाय आंतरिक रूप से की जानी चाहिए. वर्तमान में बहिष्कार का कोई विचार नहीं है और जर्मनी की टीम टूर्नामेंट में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है.
गौरतलब है कि अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में 11 जून से 19 जुलाई तक होने वाले इस टूर्नामेंट को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ता जा रहा है. ग्रीनलैंड को खरीदने के प्रयास, यूरोपीय देशों पर टैरिफ की धमकी और अमेरिका के आंतरिक विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीकों ने यूरोपीय जगत में चिंता पैदा की है.
पूर्व फीफा अध्यक्ष सेप ब्लैटर ने भी प्रशंसकों को इस टूर्नामेंट से दूर रहने की सलाह दी है, हालांकि उनकी इस टिप्पणी को विरोधाभासी माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान रूस विश्व कप के बहिष्कार का विरोध किया था. जर्मनी ने 2024 के यूरोपीय चैंपियनशिप के सफल अनुभव का हवाला देते हुए उम्मीद जताई है कि आगामी विश्व कप भी शांति और खेल भावना का प्रतीक बनेगा.