नेपाल बाढ़ में मद्रास HC के पूर्व न्यायाधीश वी. शिवज्ञानम लापता
नई दिल्ली । डेस्क: नेपाल में बीते 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड और भूस्खलन के बाद से 4,247 से अधिक लोग लापता हैं. इन लापता लोगों में मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश और वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता वी. शिवज्ञानम भी शामिल हैं. वे तमिल तीर्थयात्रियों के एक दल के साथ कैलाश यात्रा पर गए थे.
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली स्थित तमिल अधिवक्ता संघ ने सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत को पत्र लिखकर केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से तुरंत राहत व बचाव कार्य चलाने की मांग की है. यह अपील संघ के संरक्षक अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस. नागमुथु और अध्यक्ष पी.वी. योगेश्वरन के मार्गदर्शन में भेजी गई है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्व न्यायाधीश शिवज्ञानम ने आखिरी बार 26 अगस्त की सुबह अपनी पत्नी से व्हाट्सएप कॉल के जरिए बात की थी, जिसके बाद से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. उनके साथ बस में सवार यात्रियों की एक तस्वीर से भी उनके समूह में शामिल होने की पुष्टि हुई है.
वहीं, दूसरी बस में सवार साथ गए कुछ तीर्थयात्रियों को सशस्त्र पुलिस बल (APF) नेपाल की तिमुरे सीमा चौकी के पास सुरक्षित बचा लिया गया.
रेस्क्यू किए गए तीर्थयात्रियों ने परिजनों को बताया कि जब भूस्खलन और बाढ़ आई, तब शिवज्ञानम की बस उनकी बस से महज 100 से 200 मीटर पीछे थी. इस खबर के बाद से पूर्व न्यायाधीश की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं.
लगभग 34 वर्षों का एक सफल न्यायिक करियर पूरा करने के बाद मद्रास उच्च न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए शिवज्ञानम को 23 जुलाई 2025 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया गया था.
यात्रा आयोजक के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा के छह दिन बीत जाने के बाद भी तमिलनाडु के 49 से अधिक तीर्थयात्रियों का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है, जबकि तिमुरे चौकी पर करीब 20 तमिल तीर्थयात्रियों ने शरण ले रखी है.