ट्रंप के फोन के बाद फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड वापस
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक फोन कॉल के बाद फुटबॉल जगत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. फीफा ने अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन के खिलाफ जारी किया गया रेड कार्ड वापस ले लिया है.
इस फैसले के बाद रविवार रात से ही वैश्विक फुटबॉल समुदाय में भारी हलचल मची हुई है. सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर फीफा से सीधे बात की थी. ट्रंप का मानना है कि बालोगुन ने कोई फाउल नहीं किया था, जिसके बाद उन्होंने ब्राजीलियाई रेफ्री राफेल क्लॉस के फैसले पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं.
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने फीफा को अपना फैसला बदलने का आदेश नहीं दिया था, बल्कि केवल इस पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था.
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मैच देखा था और दोनों खिलाड़ियों के बीच महज एक सामान्य टक्कर हुई थी, जिसे किसी भी तरह से नियमों का उल्लंघन नहीं माना जा सकता.
हालांकि, खेल विश्लेषकों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है. फुटबॉल इतिहास में यह पहला मौका है जब फीफा ने किसी राष्ट्रप्रमुख के हस्तक्षेप के बाद अपने मैदान का फैसला बदला है.
विशेषज्ञों का कहना है कि 1998 में लॉरेंट ब्लैंक और 2002 में माइकल बैलेक जैसे दिग्गज खिलाड़ी कार्ड विवाद के कारण विश्व कप फाइनल से बाहर हो गए थे, लेकिन तब किसी भी देश के प्रमुख ने इस तरह फीफा के फैसलों में दखल नहीं दिया था. ट्रंप के इस कदम से खेल की सर्वोच्च संस्था फीफा की स्वायत्तता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.