सरकारी बैंकों का विलय नहीं, IDBI बैंक का विनिवेश होगा
नई दिल्ली । डेस्क: वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद में सूचित किया कि फिलहाल सरकारी बैंकों के विलय या समेकन का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है.
मंत्री ने एक लिखित जवाब में यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) और निजी क्षेत्र के बैंकों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमाएं क्रमशः 20 प्रतिशत और 74 प्रतिशत पर बनी हुई हैं. उन्होंने कहा कि FDI आर्थिक विकास के लिए गैर-ऋण वित्तीय संसाधनों का एक प्रमुख स्रोत है.
IDBI बैंक का विनिवेश CCEA (Cabinet Committee on Economic Affairs) की मंजूरी के अनुसार किया जाएगा. मंत्री ने बताया कि CCEA की मई 2021 की मंजूरी के बाद, IDBI बैंक में प्रबंधन नियंत्रण के हस्तांतरण के साथ रणनीतिक विनिवेश के लिए कुल 60.72 प्रतिशत इक्विटी की पेशकश की जा रही है, जिसमें भारत सरकार 30.48 प्रतिशत और LIC 30.24 प्रतिशत इक्विटी बेच रही है.
इसके अलावा, चौधरी ने बताया कि क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (RRB) का वित्तीय स्वास्थ्य सुधरा है. RRB ने वित्त वर्ष 24 में ₹7,571 करोड़ का अब तक का सबसे अधिक समेकित शुद्ध लाभ दर्ज किया और वित्त वर्ष 25 में भी ₹6,825 करोड़ का दूसरा सबसे अधिक शुद्ध लाभ कमाया.
उन्होंने कहा कि RRB ने पूंजी जोखिम भारित परिसंपत्ति अनुपात (CRAR), जमा, अग्रिम और गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (NPA) जैसे प्रमुख वित्तीय मापदंडों में लगातार सुधार दिखाया है.