ED:अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट नोटिस
नई दिल्ली । डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस एडीए ग्रुप से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को और विस्तार दिया है. ईडी अब 68.3 करोड़ रुपये के कथित फर्जी बैंक गारंटी मामले की जांच कर रहा है.
इसके साथ ही, ईडी ने येस बैंक से जुड़े कथित 3,000 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया है. लुकआउट सर्कुलर एक ऐसा नोटिस है जो जांच के दौरान व्यक्तियों को देश छोड़ने से रोकने के लिए जारी किया जाता है.
यह सभी हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर भेजा जाता है, ताकि आप्रवासन अधिकारी जांच के दायरे में आये व्यक्ति को हिरासत में ले सकें और उनके भारत से भागने की किसी भी कोशिश को रोक सकें.
यह कदम ईडी द्वारा अनिल अंबानी को मंगलवार को दिल्ली कार्यालय में पूछताछ के लिये बुलाए जाने के बाद उठाया गया है.
ईडी पहले से ही 2017 से 2019 के बीच येस बैंक द्वारा रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को दिये गए 3,000 करोड़ रुपये के ऋणों के कथित दुरुपयोग की जांच कर रहा है.
जांचकर्ताओं को संदेह है कि ऋण स्वीकृत होने से पहले येस बैंक के प्रमोटरों को कथित तौर पर भुगतान किया गया था, जो संभावित साठगांठ की ओर इशारा करता है.
गौरतलब है कि ईडी ने 24 जुलाई को इस मामले से जुड़े कई स्थानों पर छापेमारी की थी.
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत तीन दिनों तक चली इन तलाशियों के बाद, रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में ईडी की कार्रवाइयों को स्वीकार किया, लेकिन दावा किया कि इन छापों का उनके कारोबारी संचालन पर "कोई प्रभाव नहीं पड़ा."
रिलायंस एडीए ग्रुप ने ईडी की छापेमारी के बाद कहा, "मीडिया रिपोर्ट्स में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड या रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े 10 साल पुराने लेनदेन के आरोपों का जिक्र है."