देश में थोपी जा रही 'आर्थिक तानाशाही' और एकाधिकार- मल्लिकार्जुन खरगे
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय जनता पार्टी की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा खत्म करने और एकाधिकार या दो-पक्षीय एकाधिकार (ड्युओपोली) थोपने का आरोप लगाया है. खरगे ने बीजेपी की इस कार्यशैली को 'आर्थिक आतंकवाद' करार दिया और कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य अपने पसंदीदा पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाना और पार्टी का खजाना भरना है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखते हुए खरगे ने दूरसंचार (टेलीकॉम) और विमानन (एविएशन) जैसे प्रमुख क्षेत्रों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश के टेलीकॉम सेक्टर में 13 कंपनियां काम कर रही थीं, जिनकी संख्या घटकर अब महज तीन प्रमुख निजी खिलाड़ियों तक सीमित रह गई है.
इसी तरह, डोमेस्टिक एविएशन सेक्टर में पहले सात बड़ी कंपनियां थीं, जबकि आज केवल दो प्रमुख कंपनियों का दबदबा बचा है. उन्होंने डिजिटल पेमेंट, सीमेंट और फूड डिलीवरी ऐप्स जैसे अन्य क्षेत्रों में भी प्रतिस्पर्धा को धीरे-धीरे खत्म किए जाने पर चिंता जताई.
कांग्रेस अध्यक्ष का यह बयान अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क द्वारा भारत में स्टारलिंक लाइसेंस प्रक्रिया को लेकर मुकेश अंबानी और मोदी सरकार पर परोक्ष रूप से निशाना साधे जाने के ठीक एक दिन बाद आया है.
मस्क ने आरोप लगाया था कि कुछ 'बड़े पूंजीपति' भारतीय बाजार पर अपने एकाधिकार को बचाए रखने के लिए उनकी सेवाओं को रोकने का प्रयास कर रहे हैं. इस विवाद में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी कूद पड़े और उन्होंने मस्क के ट्वीट का जवाब देते हुए सरकार की नीतियों पर तंज कसा था.
खरगे ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी देश में आर्थिक उदारीकरण की जनक रही है, जबकि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) पूरी तरह तबाह हो चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतिस्पर्धी माहौल खत्म होने से छोटे उद्योग बंद हो रहे हैं और देश के युवाओं को भयंकर बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है.
हालांकि, दूसरी तरफ दूरसंचार मंत्रालय ने एलन मस्क के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. मंत्रालय का कहना है कि स्टारलिंक, जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवेब तीनों लाइसेंस प्राप्त सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियां इस समय समान नियामकीय चरण में हैं और फिलहाल उनके सुरक्षा आकलन की प्रक्रिया जारी है.