DUSU चुनाव: ABVP का दबदबा बरकरार, तीन पदों पर जमाया कब्जा
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एक बार फिर अपना वर्चस्व साबित किया है. एबीवीपी ने केंद्रीय पैनल के चार में से अध्यक्ष, सचिव और सह-सचिव सहित तीन प्रमुख पदों पर शानदार जीत दर्ज की है.
वहीं, कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई (NSUI) को इस बार करारा झटका लगा है और वह एक भी सीट हासिल करने में नाकाम रही. एनएसयूआई से टिकट न मिलने पर निर्दलीय मैदान में उतरे दीपांशु शौकीन ने उपाध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत हासिल की.
अध्यक्ष पद के कड़े मुकाबले में एबीवीपी के यश डबास ने 24,576 वोट हासिल कर एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 वोटों के अंतर से पराजित किया. उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी दीपांशु शौकीन ने सबसे अधिक 30,615 वोट पाकर परचम लहराया. सचिव पद पर एबीवीपी प्रत्याशी ने 21,650 वोट प्राप्त कर एनएसयूआई के उम्मीदवार (14,869 वोट) को बड़े अंतर से हराया. सह-सचिव पद के करीबी मुकाबले में एबीवीपी उम्मीदवार को 16,615 वोट मिले, जिन्होंने समाजवादी छात्र सभा के प्रत्याशी (15,778 वोट) को शिकस्त दी.
जीत के बाद अध्यक्ष पद पर निर्वाचित यश डबास ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी कॉलेज हॉस्टलों और पीजी (PG) का सुरक्षा ऑडिट कराना होगी. उन्होंने इस जनादेश को सामाजिक समरसता, राष्ट्रवाद और एकजुटता की जीत बताया.
दूसरी ओर, उपाध्यक्ष बने दीपांशु शौकीन ने छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने और सत्य निकेतन भवन हादसे के पीड़ितों को न्याय दिलाने का संकल्प जताया. डूसू चुनावों के इन नतीजों पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी आने लगी हैं; कॉकरोच जनता पार्टी के सौरभ दास ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह परिणाम विपक्षी दलों की आंतरिक गुटबाजी, संगठनात्मक विफलता और वैचारिक हठधर्मिता को दर्शाते हैं.