शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

ट्रंप के टैरिफ के बावजूद चीन का निर्यात सरप्लस $1 लाख करोड़

C

CG Khabar

16 दिस. 2025, 10:04 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

ट्रंप-टैरिफ-चीन
ट्रंप-टैरिफ-चीन

नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीनी सामान पर टैरिफ के बावजूद, 2025 के अंत तक चीन का वैश्विक निर्यात सरप्लस 1 लाख करोड़ डॉलर को पार कर गया. विशेषज्ञ इसे 'दूसरा चीनी झटका' बता रहे हैं, जो वैश्विक व्यापार को हिला रहा है.


ट्रंप ने अप्रैल से 'पारस्परिक टैरिफ नीति' शुरू की, जिससे अमेरिका-चीन व्यापार युद्ध तेज हो गया. दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाए. लेकिन चीन ने रणनीति बदल ली अमेरिकी बाजार छोड़ अन्य क्षेत्रों पर फोकस किया. दक्षिण-पूर्व एशिया (इंडोनेशिया, थाईलैंड, मलेशिया), अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और यूरोप को निशाना बनाया. परिणामस्वरूप, इन देशों में चीनी निर्यात कई गुना बढ़ा.  


विशेषज्ञों के मुताबिक, चीन की सफलता के पीछे कई कारण हैं. कम लागत पर बड़े पैमाने का उत्पादन (1970 के बाद वैश्विक वर्चस्व), घरेलू मांग कम होने से आयात सीमित, वैश्विक मुद्रास्फीति से सस्ते चीनी सामान की डिमांड बढ़ी. 1970 में चीन का वैश्विक व्यापार-जीडीपी अनुपात 25% था, जो 2022 तक 60% पहुंचा. IMF ने 10 दिसंबर को युआन के जानबूझकर अवमूल्यन पर चेतावनी दी. इससे वैश्विक मुद्रास्फीति आंकड़े प्रभावित हो रहे हैं. IMF ने चीन को आयात बढ़ाने और उपभोक्ता वस्तुओं के दाम घटाने की सलाह दी.


फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने 'लेस इको' को दिए इंटरव्यू में चीनी सरप्लस को 'असहनीय' बताया. CSIS के ब्रायन हार्ट, ह्यू ग्रांट-चैपमैन और लियोन ली का कहना है कि कम घरेलू मांग से चीन दशकों से निर्यात-केंद्रित नीति चला रहा. 20 सालों में चीनी निर्यात 25 गुना बढ़ा. शी जिनपिंग अब इलेक्ट्रिक वाहन, हाई-टेक उपकरण और रक्षा सामग्री पर जोर दे रहे उनका निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य है.


चीनी राज्य मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने संपादकीय में कहा कि सरप्लस 'डंपिंग' नहीं, बल्कि वैश्विक श्रम विभाजन और सहयोग का परिणाम. 2025 के पहले 11 महीनों में विदेशी निवेश से व्यापार 29% रहा. रोडियम ग्रुप और नोआ स्मिथ के 'प्रोडक्शन इज नाउ ए वॉर' लेख में कहा गया द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका की तरह अब चीन की अर्थव्यवस्था रफ्तार पकड़ रही.


विश्व अब चीन की इस 'उत्पादन शक्ति' से जूझ रहा, ट्रंप का 'हथौड़ा' बेकार साबित हो गया. (Symbolic Photo)

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP