राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की मांग
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष के सी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करने की मांग की है. वेणुगोपाल का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सैन्य अभियान 'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर संसद में "भ्रामक" बयान दिया था.
लोकसभा के प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमों के नियम 223 के तहत दिए गए इस नोटिस में कांग्रेस नेता ने कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन को गुमराह किया है.
वेणुगोपाल के अनुसार, 28 जुलाई 2025 को संसद में चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा. जबकि बाद में जारी एक आधिकारिक बयान में सामने आया कि इस अभियान में सशस्त्र बलों के छह जवान शहीद हुए थे.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी पोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि यह देश के लोगों से सीधा झूठ था. उन्होंने इसे शहीदों के परिवारों और सशस्त्र बलों का गंभीर अपमान बताया.
गौरतलब है कि पिछले साल मई 2025 में हुए इस सैन्य अभियान में जान गंवाने वाले थल सेना के पांच और वायुसेना के एक जवान का नाम हाल ही में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की दीवार पर अंकित किया गया है, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ.
दूसरी तरफ, इस मामले पर मचे राजनीतिक घमासान के बीच रक्षा मंत्रालय ने अपनी सफाई जारी की है. मंत्रालय का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रही कुछ पोस्ट में रक्षा मंत्री के पिछले साल दिए गए भाषण को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. बयान के एक हिस्से को चुनिंदा तरीके से उठाकर यह झूठा दावा किया जा रहा है कि रक्षा मंत्री ने किसी के शहीद न होने की बात कही थी.
रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश ने इन जांबाज शहीदों को जल्द से जल्द श्रद्धांजलि अर्पित की है और देश हमेशा उनके सर्वोच्च बलिदान का सम्मान करेगा. बता दें कि 'ऑपरेशन सिंदूर' 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान गई थी.