विनेश फोगाट को 'अयोग्य' ठहराने पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त
नई दिल्ली । डेस्क: दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) द्वारा स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट को घरेलू प्रतियोगिताओं के लिए 'अयोग्य' घोषित करने के फैसले पर कड़ी नाराजगी जताई है. अदालत ने केंद्र सरकार को तुरंत एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का निर्देश दिया है, जो विनेश फोगाट का मूल्यांकन करेगी ताकि आगामी एशियाई खेलों के चयन ट्रायल्स में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सके.
जस्टिस की पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि महासंघ और खिलाड़ी के बीच चाहे जो भी विवाद या दुश्मनी हो, लेकिन उसकी वजह से कुश्ती के खेल को नुकसान नहीं होना चाहिए. अदालत ने विनेश फोगाट के मातृत्व अवकाश के बाद वापसी का समर्थन करते हुए कहा कि हमारे देश में मातृत्व का उत्सव मनाया जाता है, ऐसे में पुराने चयन मानदंडों से WFI का यह भटकाव कई बड़े सवाल खड़े करता है.
क्यों शुरू हुआ विवाद?
WFI का नोटिस: रेसलिंग फेडरेशन ने 9 मई को विनेश फोगाट को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इसमें पेरिस ओलंपिक में वजन के नियमों का पालन न कर पाने, एंटी-डोपिंग नियमों के तहत व्हेयरअबाउट्स देने में कई बार विफल रहने और एक ओलंपिक क्वालीफायर के दौरान दो अलग-अलग वजन श्रेणियों में भाग लेने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.
रिटायरमेंट का नियम: WFI का तर्क है कि विनेश ने 2024 पेरिस ओलंपिक से अयोग्य घोषित होने के बाद संन्यास ले लिया था. एंटी-डोपिंग नियमों के तहत, संन्यास से वापसी करने के बाद किसी भी एथलीट को प्रतिस्पर्धा में उतरने से पहले छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि पूरी करनी होती है.
विनेश फोगाट का कड़ा रुख
विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता विनेश फोगाट ने पिछले साल जुलाई में एक बेटे को जन्म देने के बाद 12 दिसंबर, 2025 को अपने संन्यास का फैसला बदल दिया था. महासंघ द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद विनेश गोंडा में आयोजित नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंच गईं. उन्होंने WFI के नोटिस का कड़ा जवाब दिया है और महासंघ के सख्त रुख के आगे झुकने से साफ इनकार कर दिया है.
गौरतलब है कि विनेश फोगाट ने हाल ही में एक और चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया था कि वह उन छह महिला पहलवानों में शामिल थीं, जिनका पूर्व WFI प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह ने कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया था.
इसी मामले को लेकर विनेश ने साल 2023 में महिला पहलवानों के बड़े विरोध प्रदर्शन की अगुवाई भी की थी. फिलहाल, हाई कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद अब विनेश फोगाट के एशियाई खेलों के ट्रायल्स में शामिल होने की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं.