दंतेवाड़ाः धर्मांतरित परिवार को गांव से बाहर निकाला
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बालोद और बिलासपुर जिले में रविवार को धर्मान्तरण को लेकर जमकर बवाल हुआ. दंतेवाड़ा जिले में तो एक परिवार को ही गांव से बेदखल कर दिया गया है.
वहीं बालोद जिले में हिन्दू संगठनों की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. जबकि 24 लोगों को पुलिस थाने ले गई.
इसी तरह बिलासपुर में दो मामले सामने आए हैं. एक महिला ने अपने पति और सास पर जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया है. जबकि दूसरी घटना में प्रार्थना सभा को लेकर हंगामा हो गया.
धर्मांतरण को लेकर दंतेवाड़ा जिले में रविवार को जमकर बवाल हुआ. जिले के टिकनपाल गांव में ग्रामीणों ने एक परिवार को धर्मांतरण के आरोप में सामान सहित गांव से बाहर निकाल दिया है.
आरोप है कि यहां निवासरत एक परिवार आदिवासी रीति रिवाज नहीं मानकर ईसाई धर्म अपना लिया है. इससे ग्रामीण नाराज थे.
उनके खिलाफ काफी दिनों से गांव में आक्रोश था. रविवार को यह आक्रोश फूट पड़ा और ग्रामीणों ने उस परिवार को गांव से बाहर जाने का फरमान जारी कर दिया.
इसके बाद से गांव में तनाव का माहौल है. इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई है.
दंतेवाड़ा का यह पहला मामला नहीं है, जब किसी परिवार को ग्रामीणों ने गांव से बाहर निकाला हो. इससे पहले भी इस तरह या इससे जुड़े मामले बस्तर में देखने को मिलते रहे हैं.
बालोद में 8 लोग गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक बालोद की घटना गुंडरदेही थाना क्षेत्र के चैनगंज के पास की है. जहां किराए के भवन में सभा संचालित करने का आरोप है.
इसकी सूचना मिलते ही बजरंग दल, हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच कर विरोध प्रदर्शन करने लगे. कुछ देर में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई.
इस बीच पुलिस और बजरंग दल के नेताओं के बीच के बीच जमकर बहस हुई.
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 8 पुरुष और 16 महिलाओं को लेकर थाने पहुंची. जिसमें से 8 लोगों को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया. जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
इस मामले में गुंडरदेही टीआई मनीष शेंडे ने बताया कि बिना अनुमति प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
सभी आरोपियों को एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया. वहीं सभा में शामिल बाकी लोगों से पूछताछ की जा रही है.
पत्नी ने पति और सास पर लगाया धर्मांतरण का आरोप
इसी तरह बिलासपुर जिले में रविवार को धर्मांतरण के दो मामले सामने आए हैं. सिविल लाइन में रहने वाली एक महिला अपने बच्चे को लेकर थाने पहुंची और अपने पति और सास पर जबरन ईसाई धर्म की प्रार्थना करने दबाव बनाने का आरोप लगाया.
महिला पूजा सोनी ने बताया कि पति दुर्गेश सोनी और सास जानकी सोनी रोज उन्हें धर्म बदलने के लिए दबाव डाल रहे हैं. यहां तक प्रार्थना के लिए उसे जबरदस्ती चर्च भी ले जाया गया था.
महिला ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है.
प्रार्थना सभा में बुलाकर धर्म बदलने का आरोप
बिलासपुर में एक अन्य मामला पचपेड़ी थाना क्षेत्र ग्राम सुकुलकारी का है. हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांव में प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया.
उनका आरोप है कि हिंदू समाज की महिलाओं और बच्चों को प्रार्थना सभा में बुलाकर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाया जा रहा है.
बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा मचाने की जानकारी मिलते ही भीम आर्मी के कार्यकर्ता गांव पहुंच गए.
जिसके बाद दोनों संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी. जिसे मौके पर पहुंची पुलिस ने शांत कराया.