ट्रंप के हस्तक्षेप पर विवाद: फीफा अध्यक्ष के खिलाफ IOC में शिकायत
नई दिल्ली । डेस्क: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फुटबॉल खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन का बैन रुकवाने के मामले में अब फीफा अध्यक्ष ज्ञानी इन्फेंटिनो की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. एक मानवाधिकार संगठन 'फेयरस्क्वेयर' (FairSquare) ने इन्फेंटिनो पर राजनीतिक तटस्थता के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) के एथिक्स कमीशन में शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है.
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब वर्ल्ड कप के एक मैच के दौरान अमेरिकी फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड मिलने के बावजूद, ट्रंप प्रशासन की पैरवी के बाद फीफा ने उन्हें अगले मैच में खेलने की अनुमति दे दी. आधुनिक वर्ल्ड कप के इतिहास में इस तरह का फैसला अभूतपूर्व माना जा रहा है. हालांकि, इस फैसले के बाद हुए मुकाबले में बेल्जियम की टीम ने अमेरिकी टीम को 4-1 से हरा दिया.
आईओसी (IOC) के नियमों के अनुसार, खेलों में राजनीतिक तटस्थता बनाए रखना बेहद जरूरी है. चूंकि इन्फेंटिनो साल 2020 से आईओसी के विशिष्ट सदस्यों में शामिल हैं, इसलिए वे इसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं. आईओसी की अध्यक्ष कर्स्टी कोवेंट्री ने भी इस बात की पुष्टि की है कि शिकायत मिलने पर इस मामले की पूरी जांच की जाएगी.
ट्रंप और इन्फेंटिनो के करीबी रिश्ते
ज्ञानी इन्फेंटिनो और डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीबी संबंध पिछले कुछ सालों में काफी चर्चा में रहे हैं. इन्फेंटिनो कई बार व्हाइट हाउस का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने सार्वजनिक रूप से ट्रंप के कामकाज की तारीफ भी की थी. इतना ही नहीं, इन्फेंटिनो ने खुद आगे बढ़कर ट्रंप के लिए 'फीफा पीस प्राइज' (FIFA Peace Prize) की शुरुआत की थी, जिसे पिछले साल दिसंबर में वाशिंगटन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप को दिया गया था.
फीफा में भी लंबित है मामला
राजनीतिक तटस्थता के इस उल्लंघन को लेकर फेयरस्क्वेयर ने पिछले साल दिसंबर में फीफा की खुद की एथिक्स कमेटी में भी एक शिकायत दर्ज कराई थी. इस शिकायत को नॉर्वे फुटबॉल फेडरेशन और यूरोपीय संसद के करीब 50 सदस्यों का समर्थन हासिल है. हालांकि, पिछले सात महीनों से फीफा की ओर से इस मामले में कोई अपडेट नहीं दिया गया है, जिसके बाद अब मामला आईओसी तक पहुंच गया है.