एसडीएम के विरोध में मुर्गा-बकरा के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के चित्रकोट में एसडीएम के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
जगदलपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से 40 किलोमीटर दूर चित्रकोट में शुक्रवार को अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. कांग्रेस के नेता हाथों में देशी मुर्गा, दारू की खाली बोतलें और बकरा लिए लोहंडीगुड़ा के एसडीएम नीतीश वर्मा के खिलाफ मोर्चा खोलने पहुंच गए.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज खुद जनता का नेत्रत्व करते हुए हाथ में जिंदा मुर्गा और दारू की बोतल लिए एसडीएम ऑफिस की ओर बढ़े और उनके साथ एक कांग्रेसी बकरा लिए कदमताल करते नजर आया.
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस का आरोप है कि एसडीएम नीतीश वर्मा चित्रकोट आने वाले वीआईपी सैलानियों और बड़े अफसरों की खातिरदारी के लिए सरपंचों और ग्राम समितियों पर 'मुर्गा-बकरा-दारू' का मेन्यू तैयार करने का दबाव डालते हैं.
अगर कोई सरपंच या ग्रामीण न कह दे, तो एसडीएम साहब कथित तौर पर अपनी कुर्सी की ताकत दिखाते हैं.
मामला तब सुर्खियों में आया जब सरपंच भंवर मौर्य ने वीआईपी मेहमानों के लिए यह सब इंतजाम करने से साफ मना कर दिया.
कहा जा रहा है इसके बाद एसडीएम के इशारे पर भंवर मौर्य और कुछ ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी गई. बस, यहीं से मामले ने तूल पकड़ लिया.
एसडीएम मुर्दाबाद और बैरिकेड्स का ड्रामा
कांग्रेस ने इस मुद्दे को आदिवासियों के उत्पीड़न से जोड़ते हुए एसडीएम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. कार्यकर्ता एसडीएम मुर्दाबाद और भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाते हुए आगे बढ़ते गये.
पुलिस ने रास्ते में लोहे के बैरिकेड्स लगाकर भीड़ को रोकने की कोशिश की, लेकिन कांग्रेसी बैरिकेड्स को गिराकर एसडीएम कार्यालय की तरफ बढ़ गए.
पुलिस ने पूरा दम लगाया मगर कांग्रेसियों को नहीं रोक पायी.
कांग्रेस की मांग: एसडीएम को हटाओ
कांग्रेस का कहना है कि एसडीएम नीतीश वर्मा वीआईपी के लिए मुर्गा, मटन, दारू और सिगरेट का इंतजाम करवाने के लिए आदिवासी सरपंचों को 'बलि का बकरा' बना रहे हैं.
पार्टी ने मांग की है कि एसडीएम को तत्काल लोहंडीगुड़ा से हटाया जाए.