कांग्रेस ने पीएम मोदी से जाति जनगणना की प्रश्नावली बदलने को कहा
नई दिल्ली । डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर जारी जाति जनगणना की मौजूदा प्रश्नावली को तुरंत रद्द करने का अनुरोध किया है. दोनों नेताओं ने सुझाव दिया है कि राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और आम जनता के साथ परामर्श के बाद एक नई प्रश्नावली तैयार की जाए ताकि जातिगत डेटा सटीक और प्रामाणिक मिल सके.
कांग्रेस नेतृत्व का कहना है कि सरकार द्वारा अपनाया गया 'ओपन-एंडेड' (खुला) प्रश्न प्रारूप भ्रामक है. इसमें व्यक्ति द्वारा बताए गए जाति के नाम को ज्यों का त्यों दर्ज किया जा रहा है. भारत में एक ही जाति के अलग-अलग राज्यों में भिन्न नाम, उप-जातियां और भाषाई विविधताएं होती हैं. इस तरीके से एक ही जाति हजारों अलग-अलग नामों में बंट जाएगी, जिससे लाखों जातियों की सूची बन जाएगी और पूरा डेटा निरर्थक हो जाएगा.
विपक्ष के नेताओं ने तर्क दिया कि यदि किसी समुदाय की वास्तविक जनसंख्या का सटीक आंकलन नहीं होगा, तो उनकी स्थिति का मूल्यांकन भी गलत होगा. इससे पिछड़े, अति-पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक न्याय से जुड़े फैसले प्रभावित होंगे.
इसके अलावा, जनगणना प्रारूप में "पिछड़ा वर्ग" (Backwards Class) शब्द के न होने पर भी चिंता जताई गई है.
इस समस्या के समाधान के रूप में कांग्रेस ने तेलंगाना (2024) और बिहार (2022) के जातिगत सर्वेक्षणों की तर्ज पर जातियों की एक ड्रॉप-डाउन सूची तैयार करने का सुझाव दिया है. यह व्यवस्था अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए पहले से लागू है.
पार्टी के अनुसार सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों की मौजूदा सूचियों तथा भारतीय मानवविज्ञान सर्वेक्षण (AnSI) के डेटा की मदद से यह सूची आसानी से बनाई जा सकती है. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने जानकारी दी कि जाति जनगणना के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा प्रधानमंत्री को भेजा गया यह तीसरा पत्र है.