राहुल गांधी पर FIR को लेकर कांग्रेस-भाजपा में तीखी रार
नई दिल्ली । डेस्क: उत्तराखंड के हल्द्वानी में रैली स्थल के कथित "शुद्धिकरण" के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक घमासान तेज हो गया है. रामलीला मैदान में रैली के बाद मंच की सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर एक दलित शिकायतकर्ता की याचिका पर उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने केवल सफाई कार्य को जातिगत रंग दिया. FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें राहुल गांधी ने कहा कि उनके खिलाफ 36 मामले दर्ज हैं और वे नरेंद्र मोदी से नहीं डरते, क्योंकि मुकदमों को वे अपने 'तमगे' मानते हैं.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि न्याय की आवाज को प्राथमिकियों के बोझ तले नहीं दबाया जा सकता. उन्होंने दावा किया कि मंच का शुद्धिकरण इसलिए कराया गया क्योंकि वहां से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (जो दलित समुदाय से आते हैं) ने सभा को संबोधित किया था.
दूसरी ओर, भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी तीन हफ्ते तक इस मुद्दे पर सोते रहे और जब खड़गे ने कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने की चेतावनी दी, तब उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए इसे उठाया.
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और कार्यक्रम के आयोजकों (जिनमें अनुसूचित जाति के सदस्य भी शामिल थे) ने सफाई दी कि रामलीला मंच पर गंदगी फैली होने के कारण ही उसकी सामान्य सफाई की गई थी, जिसे गलत तरीके से तूल दिया जा रहा है.