LPG कीमतों में बढ़ोतरी पर सरकार और विपक्ष में तकरार
नई दिल्ली । डेस्क: देश में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में हाल ही में हुई बढ़ोतरी को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. कांग्रेस ने रविवार को इस मुद्दे पर मोदी सरकार को आड़े हाथों लिया, तो वहीं सरकार ने वैश्विक संकट के बावजूद भारत में एलपीजी की कीमतों को दुनिया में सबसे कम बनाए रखने का दावा किया है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹913 से बढ़कर ₹942 होने पर चिंता व्यक्त की.
खड़गे ने कहा कि पिछले चार महीनों में रसोई गैस की कीमतों में कुल ₹89 की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे आम जनता की रसोई का बजट बिगड़ गया है. उन्होंने भाजपा नेताओं पर तंज कसते हुए पूछा कि यूपीए शासन के दौरान महंगाई पर सड़कों पर उतरने वाले नेता अब चुप क्यों हैं?
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए उस बयान पर भी सवाल उठाए जिसमें पश्चिम एशिया संकट के बीच 41 देशों से ईंधन स्रोतों के विविधीकरण की बात कही गई थी. खड़गे ने आरोप लगाया कि उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों परिवार साल में एक भी रीफिल नहीं करा पा रहे हैं, जो सरकार की मुनाफाखोरी को दर्शाता है.
दूसरी तरफ, केंद्र सरकार ने रविवार को एक बयान जारी कर इस बढ़ोतरी पर अपनी स्थिति साफ की. सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एलपीजी की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे भारत में एक सिलेंडर की आपूर्ति लागत ₹1600 से अधिक हो गई है. वैश्विक बेंचमार्क 'सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस' (CP) में फरवरी से अब तक करीब 46% की तेजी आई है.
सरकार ने दावा किया कि इन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद भारत में रसोई गैस की कीमतें पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया व कनाडा जैसी उन्नत अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी कम हैं.
सरकार के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जारी संकट के दौरान भी भारत ने निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखी और वैकल्पिक स्रोतों तथा घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर देश में एलपीजी की कमी नहीं होने दी.
हालांकि, सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी मिलती रहेगी, जिससे उन्हें सिलेंडर ₹642 का पड़ेगा, लेकिन अब यह सब्सिडी सालाना पहले के 9 रीफिल के बजाय केवल शुरुआती चार रीफिल पर ही लागू होगी.