चीनी अरबपति गुओ वेंगई को US में 30 साल की जेल
न्यूयॉर्क । डेस्क: चीन के स्व-निर्वासित भगौड़े अरबपति कारोबारी गुओ वेंगई को वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में अमेरिकी अदालत ने 30 साल की कड़ी सजा सुनाई है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के कड़े आलोचक के रूप में खुद को पेश करने वाले गुओ पर दुनिया भर के हजारों लोगों से करोड़ों डॉलर ठगने का आरोप साबित हुआ है.
मैनहट्टन फेडरल कोर्ट की जज एनालिसा टोरेस ने सोमवार को यह फैसला सुनाते हुए गुओ वेंगई पर 88.9 करोड़ डॉलर (करीब 74 अरब रुपये) का हर्जाना और जब्ती का आदेश भी दिया.
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि माइल्स गुओ और हो वान क्वोक के नाम से जाने जाने वाले इस चीनी कारोबारी ने लोकतंत्र के नाम पर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया.
जज टोरेस के मुताबिक, गुओ ने उन लोगों को अपना शिकार बनाया जो चीन में लोकतंत्र देखना चाहते थे और उनके निवेश के पैसों से अमेरिका में बेहद आलीशान और विलासितापूर्ण जीवन जिया.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़ितों के कई भावुक पत्र भी पढ़े गए, जिनमें लोगों ने बताया कि कैसे गुओ की धोखाधड़ी के कारण उनकी जिंदगी भर की कमाई डूब गई और उनके परिवार तबाह हो गए.
वर्ष 2015 में चीन से भागकर अमेरिका आए गुओ वेंगई ने खुद को चीनी सरकार विरोधी और मानवाधिकार समर्थक के रूप में स्थापित किया था. इस दौरान उसने अमेरिकी दक्षिणपंथी नेता स्टीव बैनन के साथ मिलकर एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला.
साल 2023 में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई ने उसे न्यूयॉर्क के एक आलीशान अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था. साल 2024 में एक जूरी ने उसे मनी लॉन्ड्रिंग, प्रतिभूति धोखाधड़ी और वायर फ्रॉड का सर्वसम्मति से दोषी पाया.
अदालत में गुओ के वकीलों ने दलील दी थी कि उनका मुवक्किल चीनी सरकार के राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हुआ है और इतनी लंबी सजा से चीनी सरकार के दुष्प्रचार को बढ़ावा मिलेगा.
हालांकि, अभियोक्ताओं ने कहा कि गुओ ने साल 2018 से 2023 के बीच सैकड़ों लोगों के जीवन को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया, जिसके लिए वह किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है. जज ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए सख्त सजा का ऐलान किया.