चीन एयरपोर्ट पर भारतीयों को 'टारगेट' न करे: भारत
नई दिल्ली । डेस्क: भारत सरकार ने चीन से स्पष्ट आश्वासन मांगा है कि चीनी हवाई अड्डों से गुज़रने वाले भारतीय नागरिकों को 'चुनिंदा रूप से निशाना नहीं बनाया जाएगा, मनमाने ढंग से हिरासत में नहीं लिया जाएगा या परेशान नहीं किया जाएगा.' विदेश मंत्रालय (MEA) ने यह भी ज़ोर दिया कि बीजिंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई यात्रा को नियंत्रित करने वाले नियमों का सम्मान करे.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में यह बात कही. यह प्रतिक्रिया पिछले महीने शंघाई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अरुणाचल प्रदेश की एक निवासी, प्रेमा वांगजोम थोंगडोक को 18 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में लिए जाने की घटना के बाद आई है.
इस विशेष प्रश्न पर, जायसवाल ने भारतीय नागरिकों को चीन की यात्रा या ट्रांज़िट के दौरान 'उचित विवेक का प्रयोग' करने की सलाह दी.
गौरतलब है कि प्रेमा वांगजोम थोंगडोक को 21 नवंबर को शंघाई एयरपोर्ट पर इस आधार पर हिरासत में लिया गया था कि उनका भारतीय पासपोर्ट "अमान्य है क्योंकि उनका जन्मस्थान अरुणाचल प्रदेश है."
यह घटना सामने आने और प्रेमा की सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद, भारत ने दिल्ली और बीजिंग दोनों में चीनी पक्ष को डिमार्शे जारी किया, जिसमें बताया गया कि यह हिरासत नागरिक उड्डयन से संबंधित शिकागो और मॉन्ट्रियल कन्वेंशन का उल्लंघन थी.
चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश को 'दक्षिणी तिब्बत' का हिस्सा होने का दावा करता रहा है और अपनी इस स्थिति पर ज़ोर देने के लिए इस राज्य के लोगों को 'स्टेपल वीज़ा' जारी करता है.
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने घटना के प्रकाश में आने के बाद दोहराया कि ज़ंगनान (अरुणाचल प्रदेश का चीनी नाम) चीन का क्षेत्र है और शंघाई हवाई अड्डे की जाँच "कानूनों और विनियमों के अनुसार" की गई थी.