शनि, 17 अक्टू. 2026

CGKhabar

चीन कोयला खदान: रोबोट्स के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

C

CG Khabar

24 मई 2026, 06:40 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

चीन के खदान में रोबोट्स
चीन के खदान में रोबोट्स

बीजिंग । डेस्क: उत्तरी चीन के शान्शी प्रांत के किनयुआन काउंटी में स्थित लियुशेनयु कोयला खदान में शुक्रवार को हुए एक भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. शान्शी टोंगझोउ ग्रुप द्वारा संचालित इस खदान में हुए हादसे के बाद रविवार को भी बड़े पैमाने पर तलाशी और बचाव अभियान जारी रहा. आधिकारिक समाचार एजेंसी सिन्हुआ और चाइना सेंट्रल टेलीविजन के अनुसार, शनिवार रात तक इस हादसे में 82 लोगों की मौत हो चुकी है, 2 लोग अभी भी लापता हैं और 128 लोग घायल हुए हैं.


इस बेहद चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन में अब इंसानों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक की भी मदद ली जा रही है. रविवार सुबह बचाव दल ने भूमिगत खोज प्रयासों को तेज करने के लिए माइन इंस्पेक्शन रोबोट्स को तैनात किया. 


ये रोबोट गैस सेंसर और रियल-टाइम कैमरों से लैस हैं, जो जहरीली गैसों और मलबे के कारण रेस्क्यूअर्स के लिए दुर्गम हो चुके क्षेत्रों में जाकर महत्वपूर्ण डेटा और तस्वीरें एकत्र कर रहे हैं. बचाव कर्मी खुद भी रोबोट्स को संचालित करने के लिए खदान के भीतर उतरे हैं.


जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा भी सामने आया है. खदान के सार्वजनिक नोटिस बोर्ड के अनुसार विस्फोट के समय केवल 124 लोगों के अंदर होने की जानकारी थी, लेकिन गहन सत्यापन के बाद पता चला कि वास्तविक संख्या 247 थी. यानी 123 कर्मचारी ऐसे थे जिनकी कोई वैध जानकारी सिस्टम में दर्ज ही नहीं थी. 


इस प्रशासनिक लापरवाही ने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.


घायलों के इलाज के लिए चिकित्सा आपातकालीन तंत्र को सक्रिय किया गया है. कुल 128 घायलों में से 2 की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल मरीज फिलहाल स्थिर हैं. बाकी 124 मामूली रूप से घायल लोगों को बेहतर निगरानी के लिए टियर-3 अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया है. 


बीजिंग से आए शीर्ष विशेषज्ञों की टीम स्थानीय डॉक्टरों के साथ मिलकर घायलों का इलाज कर रही है.


इस बीच, स्टेट काउंसिल की जांच टीम ने हादसे के कारणों, स्थानीय प्रबंधन और कॉर्पोरेट जिम्मेदारी की गहन जांच शुरू कर दी है. खदान कंपनी के वास्तविक नियंत्रक और संबंधित अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया है. 


प्रशासन ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए वन-टू-वन टास्क फोर्स का गठन किया है, जो उन्हें मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यावहारिक सहायता और उचित मुआवजा दिलाने का काम करेगी.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP