छत्तीसगढ़: एक हफ्ते में 2 बाइसन को बिजली से मारा गया , 5 गिरफ्तार
कवर्धा । डेस्क: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में स्थित भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य के चिल्फी पूर्वी रेंज में शिकारियों की क्रूरता ने एक बार फिर हंगामा कर दिया है. पिछले सात दिनों में यहां दो बाइसन को बेरहमी से मार डाला गया, जिसमें शिकारियों ने बिजली के तारों का जाल बिछाकर उन्हें करंट से मरने पर मजबूर कर दिया. यह घटना अभयारण्य के बीट नंबर 333 पर घटी, जो वन्यजीव संरक्षण की कमजोरियों को उजागर करती है.
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग ने तुरंत संज्ञान लिया. विभाग की टीम ने डॉग स्क्वाड की मदद से छापेमारी की और आरपी सल्हेवाड़ा इलाके से पांच शिकारियों को दबोच लिया. आरोपी के पास से बाइसन का मांस और अन्य सामग्री बरामद की गई. जांच के दौरान साइट पर पहुंची टीम को पता चला कि शिकारियों ने करीब तीन से चार किलोमीटर लंबे बिजली के तार बिछाए थे, जिनसे जानवरों को निशाना बनाया गया. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
मुख्य वन संरक्षक सतोविशा समाजदार ने बताया, "घटना की सूचना पाते ही वन प्रभाग अधिकारी और स्टाफ घटनास्थल पर पहुंचे और फौरी कदम उठाए गए. आरोपी से गहन पूछताछ चल रही है. साथ ही, मोबाइल टावर लोकेशन डेटा का विश्लेषण कर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है." उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और विभाग अब सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा. अभयारण्य में गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.
हालांकि, यह कोई नई समस्या नहीं है. इस इलाके में पहले भी बिजली के जाल से वन्यजीवों की मौत की घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं, जो संरक्षण प्रयासों पर सवालिया निशान लगाती हैं. वन्यजीव प्रेमी और विशेषज्ञ अब विभाग से कड़े कदमों की मांग कर रहे हैं, ताकि भोरमदेव जैसे संरक्षित क्षेत्रों में जानवर सुरक्षित रह सकें. (AI Generated Symbolic Photo)