छत्तीसगढ़ का बाघ झारखंड की ओर बढ़ा
भुवनेश्वर । डेस्क: छत्तीसगढ़ के गोमर्डा वन्यजीव अभयारण्य से निकला एक नर रॉयल बंगाल टाइगर ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले को पार कर झारखंड की ओर बढ़ गया है. वन अधिकारियों के अनुसार, पिछले तीन-चार दिनों से इसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और इसके पंजों के निशान (पगमार्क) लिए गए हैं, जो बमरा और बोनाई के जंगलों से मिले निशानों से मेल खाते हैं.
झारसुगुड़ा के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर मनु भट्ट ने बताया, "अब चूंकि झारसुगुड़ा के क्षेत्र में इसकी कोई गतिविधि नहीं दिख रही, इसलिए संभावना है कि यह आगे बढ़ गया है."
छत्तीसगढ़ वन विभाग ने 8 अगस्त को ओडिशा के अधिकारियों को इस बाघ के सुंदरगढ़ जिले के लेप्रीपाड़ा क्षेत्र में आने की सूचना दी थी.
छत्तीसगढ़ के प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स (वाइल्डलाइफ) सुधीर अग्रवाल के अनुसार बाघ का संभावित मार्ग झारखंड के सिमडेगा की ओर हो सकता है. उन्होंने कहा, "मैंने अपने अधिकारियों को ओडिशा और झारखंड के वन अधिकारियों के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा है."
संबलपुर जिले के बमरा रेंज में सबसे पहले पगमार्क के जरिए इसकी पुष्टि हुई थी. इससे पहले सुंदरगढ़ वन डिवीजन में भी इसके पंजों के निशान देखे गए थे.
एक वन अधिकारी ने बताया, "6 से 15 अगस्त के बीच यह सुंदरगढ़ वन डिवीजन में रहा. इसने 100 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की और संबलपुर के बमरा रेंज के खोलबिलुंग खंड तक पहुंचा. वहां से यह झारसुगुड़ा की ओर बढ़ा."
खोलबिलुंग में एक तालाब के पास पगमार्क मिले, जहां कीचड़ भरी मिट्टी के कारण निशान स्पष्ट थे और उनकी छाप ली जा सकी.