छत्तीसगढ़: धर्म परिवर्तन रोकने कठोर कानून की तैयारी
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ सरकार धर्म परिवर्तन को रोकने के लिये और सख्त कानून लाने की योजना बना रही है. उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने रविवार को बताया कि राज्य सरकार मौजूदा छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम को और कड़ा करने पर काम कर रही है. इसके लिये अब तक कई बैठकें हो चुकी हैं.
शर्मा ने कहा, "हम विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में नया कानून लाने की तैयारी कर रहे हैं, जो धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और प्रभावी बनायेगा."
यह फैसला दुर्ग रेलवे स्टेशन पर दो केरल की नन और एक आदिवासी व्यक्ति की गिरफ्तारी के एक सप्ताह बाद आया है, जिन पर जबरन धर्म परिवर्तन और मानव तस्करी का आरोप लगा था. इस घटना ने देशभर में विवाद खड़ा कर दिया था. शनिवार को बिलासपुर की विशेष एनआईए अदालत ने तीनों को जमानत दे दी थी.
बजरंग दल के एक स्थानीय कार्यकर्ता की शिकायत के आधार पर इन तीनों को गिरफ्तार किया गया था. शिकायत में आरोप था कि वे नारायणपुर जिले की तीन आदिवासी लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए आगरा ले जा रहे थे.
सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित कानून में यह अनिवार्य हो सकता है कि कोई व्यक्ति जो अपनी आस्था बदलना चाहता है, उसे दो महीने पहले स्थानीय प्रशासन को इसकी सूचना देनी होगी. इसके अलावा, जबरन धर्म परिवर्तन में लिप्त लोगों के लिये दस साल तक की सजा का प्रावधान भी हो सकता है.